माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान खरीद एक के बजाय 11 अक्तूबर से शुरू करने के फैसले से किसान भड़क गए। भाकियू (चढ़ूनी) आदि किसानों संगठनों व पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों की संख्या में करनाल अनाज मंडी में एकत्र होकर मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। कार्यालय के दोनों मुख्य गेट पर ताले डाल दिए। जिससे मंडी सचिव चंद्रप्रकाश सहित करीब 25 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी कार्यालय के अंदर बंधक हो गए। दोनों गेटों पर किसान व आढ़ती धरने पर बैठ गए। इस दौरान मंडी गेट पर किसानों ने भाजपा का एक पोस्टर भी जला दिया।
एक गेट पर हरियाणवी रागनी कलाकार ने अपनी प्रस्तुति शुरू कर दी। शाम छह बजे किसानों ने धरना खत्म किया तो करीब आठ घंटे के बाद बंधक अधिकारी, कर्मचारी बाहर निकल सके। किसानों ने एलान किया कि शनिवार सुबह 10 बजे किसान अनाज मंडी में एकत्र होंगे और 11 बजे से मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने के लिए रवाना होंगे।
तत्काल शुरू हो खरीद
किसानों की मांग है कि धान खरीद तत्काल शुरू की जाए, क्योंकि 11 अक्तूबर तक तो किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी। भाकियू (चढ़ूनी) के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जगदीप औलख की अगुवाई में किसान शुक्रवार को करनाल अनाज मंडी में एकत्र हुए। यहां आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी सहित कई आढ़ती भी मंच पर पहुंचे। एक किसान ने तो अपनी पगड़ी खोलकर उसी से गेट को बंद कर दिया। जिससे मंडी सचिव सहित सभी अधिकारी कर्मचारी अंदर बंद हो गए। जिसमें महिला कर्मचारी भी थीं।
चढ़ूनी के निर्देश पर बदला निर्णय
इस दौरान भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य भी पहुंच गए। किसान नेता औलख ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक धान खरीद शुरू नहीं हो जाती। लेकिन शाम को भाकियू प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी का निर्देश आया कि भाजपा नेताओं, मंत्रियों के आवास का घेराव करना है। फिर शाम को तय किया गया कि अभी धरना खत्म करके शनिवार सुबह 10 बजे अनाज मंडी में किसान एकत्र होंगे और यहां से 11 बजे मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने के लिए रवाना होंगे। इसमें अमृत बुग्गा, दिलबाग दरड़, नवजोत संधू व केहर सिंह दबरी आदि शामिल रहे। जिले की कई अन्य अनाज मंडियों में भी किसानों ने आंदोलन किया।
बंधक कर्मियों ने भी उठाया रागनी की लुत्फ
अनाज मंडी गेट पर धरना देते समय एक गेट पर रागनी का कार्य शुरू किया गया। जिसमें हरियाणवी कलाकार शीला साहू ने धमाल मचाया। किसानों के साथ यहां पहुंचे मजदूरों ने भी मोबाइल से वीडियो बनाई। भवन में बंधक बने कर्मचारियों ने भी खिड़कियों से रागनी का लुत्फ उठाया। शाम तक रागनी का दौर चलता रहा।
दिनभर चला लंगर
आंदोलनकारी किसानों के लिए दोपहर से पहले ही यहां डेरा कार सेवा की ओर से लंगर की व्यवस्था कर दी गई। सुबह से आए किसानों ने मंडी कार्यालय परिसर में ही लाइन में बैठकर लंगर चखा। यह व्यवस्था शाम तक जारी रही।
सभी मंडियां धान से अटी हैं, 24 घंटे से अधिक इस धान को रोका नहीं जा सकता, अन्यथा खराब हो जाएगी। केंद्र सरकार आंदोलन के कारण हरियाणा व पंजाब सरकार से चिढ़ी है। धान खरीद देरी से कराकर किसानों से बदला ले रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- राजेंद्र आर्य दादूपुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन।
11 अक्तूबर से धान की खरीद करने का कोई औचित्य नहीं है, तब तक तो सारा धान बर्बाद हो चुका होगा। सरकार को तत्काल खरीद शुरू करनी होगी। इसके लिए भाकियू (चढ़ूनी) लगातार आंदोलन करेगी। शनिवार को सीएम का धेराव किया जाएगा।
- जगदीप औलख, सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी भाकियू (चढ़ूनी)
सभी मंडियों में बड़ी संख्या में पीआर धान पहुंचा है लेकिन उसकी खरीद नहीं की जा सकी है। किसान संकट में हैं, उस धान का आखिर क्या करें, क्योंकि यह धान तो सिर्फ सरकार ही खरीदती है। ऐसे में सरकार को तत्काल खरीद शुरू करनी चाहिए, अन्यथा किसान तबाह हो जाएगा।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
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