माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/घरौंडा। तीन कृषि कानूनों की वापसी के एलान के बाद 27 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की सिंघू बार्डर पर होने वाली राष्ट्रीय बैठक में शामिल होने के लिए पंजाब के साथ साथ हरियाणा के भी कई जिलों से किसानों का दिल्ली कूच शुक्रवार को भी जारी रहा। किसान नेताओं के अनुसार इस बैठक में पूर्व में किए गए संसद कूच के एलान पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले हरियाणा के करीब 22 किसान संगठनों की भी एक अलग बैठक सिंघू बार्डर पर सुबह दस बजे प्रस्तावित है। जिसमें हरियाणा के रुख को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के धरने से 500-500 किसानों के संसद कूच का एलान किया था। हालांकि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुपर्व पर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी किसान अपनी एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग सहित कई अन्य मांगों को लेकर अड़े हैं। लेकिन संसद कूच होगा या नहीं, या फिर कोई बदलाव होगा, इस पर निर्णय लेने के लिए शनिवार को सिंघू बार्डर पर दोपहर 12 बजे होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक में होना प्रस्तावित है। इ
समें कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा संभावित है। जिस पर सभी किसानों की निगाहें टिकी हैं। इधर भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर ने बताया कि एसकेएम की राष्ट्रीय बैठक से पहले हरियाणा के करीब 22 किसान संगठनों की एक बैठक सिंघू बार्डर पर ही सुबह 10 बजे से होगी। जिसमें हरियाणा का रुख तय किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया जाएगा कि एसकेएम की राष्ट्रीय बैठक में हरियाणा का रुख क्या रखा जाए। इसी तरह की एक बैठक पंजाब राज्य के किसान संगठनों की भी होने की जानकारी है। इन दोनों अहम बैठकों में भागीदारी के लिए गुरुवार से ही पंजाब व हरियाणा के किसानों का सिंघू बार्डर की ओर रवाना होने का क्रम जारी है। शुक्रवार को भी अच्छी खासी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ साथ कारों आदि से रवाना हुए हैं।