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किसानों ने प्रदर्शन कर तीन घंटे टोल प्लाजा किए फ्री

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108: भारतीय किसान यूनियन( चढूनी) के पदाधिकारीयों ने एकत्रित होकर बसताड़ा टोल प्लाजा पर अपनी मांगों क?
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मधुबन/निसिंग (करनाल)। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए किसानों ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बसताड़ा टोल और करनाल-जींद राज्य राजमार्ग स्थित प्यौंत टोल प्लाजा को तीन घंटे टैक्स फ्री रखा। इसके चलते दोनों टोल प्रबंधन को करीब सात लाख रुपये का फटका लगा। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर गेहूं पर पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की। बसताड़ा टोल पर डीएसपी मनोज कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।
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भाकियू जिलाध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि बेमौसमी बारिश ने फसलों को बहुत क्षति पहुंचाई। बाद में तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल प्रभावित हुई और उत्पादन कम मिल रहा है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम है। इसलिए गेहूं पर कम से कम पांच सौ रुपये बोनस दिया जाए। सरकार यदि किसानों की नहीं सुनती तो आगे भी आंदोलन की रणनीति तय की जा सकती है। हरियाणा के टोल टैक्स प्लाजा पर बाहर के कर्मचारी रखे गए हैं। उनकी जगह स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए। इस मौके पर सुक्रम पाल, मंजीत सिंह, सुनील, राममेहर, सुरजीत, राजबीर, कुलदीप, जयपाल, जाकिर हुसैन व अन्य किसान मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी नेता रेखा गुर्जर सिरसी कार्यकर्ताओं सहित किसानों को समर्थन देने पहुंची। उन्होंने कहा कि पार्टी अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। इस समय हर वर्ग दुखी है। किसानों की फसल को औने-पौने दाम में खरीदा जाता है। सरकार को कहीं न कहीं किसानों के हित के फैसले लेने चाहिए। 18 किलोमीटर की रेंज में यदि टोल टैक्स है तो उसको हटा देना चाहिए।
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दूसरी ओर प्यौंत टोल प्लाजा पर भाकियू खंड प्रधान सूबे सिंह, गुरजंट सिंह, संदीप सिंह, विक्रम सिंह, जगमीत सिंह, हरमन सिंह व गुरजंट पहलवान सहित अन्य किसानों ने तीन घंटे तक रोष जताया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉ. राधेश्याम व डीएसपी गौरव फौगाट को ज्ञापन दिए। सूबे सिंह ने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सात अप्रैल को गेहूं के दाम 370 अमेरिकी डालर प्रति टन यानि करीब 2800 रुपये प्रति क्विंटल रहा। निकट भविष्य में भाव बढ़ने की संभावना है। हरियाणा में वर्ष 2020-21 में गेहूं उत्पादन पर लागत 2080 रुपये प्रति क्विंटल आई थी। इस वर्ष डीजल, खाद व बीज के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई और लागत बढ़ी है। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य केवल 2015 रुपये प्रति क्विंटल दिया है। जो नाकाफी है। सरकार ने यदि बोनस नहीं दिया तो किसान बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं।
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