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पारा फुल और बत्ती हो रही गुल

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करनाल। बिजली निगम ने दो माह पहले मरम्मत कार्य शुरू करते हुए दावा किया था कि इस बार गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति होगी। शहर के अलावा गांवों में भी 24 घंटे बिजली दी जाएगी लेकिन अब गर्मी की शुरुआत में ही दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे बत्ती गुल होने का सिलसिला भी तेजी पकड़ रहा है। ऐसे में तेज गर्मी में बिजली न होने पर लोगों को न दिन में चैन मिल पा रहा है और न रात में।
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अचानक लगने वाले बिजली कट से गांवों और शहर की कई कॉलोनियों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों से मिली जानकारी और बिजली निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, गांवों में 13 घंटे और शहर में 16 घंटे भी पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है। गांवों में 11 घंटे का एक साथ और शहर में चार-चार घंटे के कट लगते हैं। जिससे आमजन का पूरी तरह से त्रस्त है।
रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो एसी और फ्रिज चलने से लोड बढ़ा था, ऐसे में पर्याप्त लोड के अनुसार बिजली खपत नहीं हो रही है। बल्कि निगम द्वारा पिछले एक माह में लगाए जाने वाले बिजली कट से करीब साढ़े चार लाख यूनिट बिजली की खपत भी जिले में घटी है। जबकि गर्मी बढ़ने के साथ खपत अधिक होनी चाहिए थी। विभाग अनुसार 10 मार्च के आसपास जिले भर में 66.52 लाख यूनिट बिजली खपत थी जो 8 अप्रैल को घट कर 62 लाख यूनिट हो गई।
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ऐसे घटी-बढ़ी बिजली खपत
प्रतिष्ठान 10 मार्च को खपत आठ अप्रैल को खपत
ग्रामीण घरेलू 11 लाख 15 लाख
अर्बन 16 लाख 23 लाख
औद्योगिक 21 लाख 17 लाख
कृषि 18 लाख 7 लाख
कुल 66 लाख 62 लाख
(नोट : बिजली की खपत लाख यूनिट में है )
गांवों में फसल कटाई और शहर की वजह नहीं बताई
अधिकारियों से जब बिजली कट के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि ग्रामीण इलाकों में गेहूं कटाई के कारण लाइट बंद की जाती है। जबकि शहर में रात में लगने वाले कट का वे जवाब नहीं दे पाए। गांवों में सुबह आठ से शाम सात बजे तक बिजली गुल रहती है। ताकि खेतों में शॉर्ट सर्किट से आगजनी की घटनाएं न हो। वहीं, करनाल शहर में रात को दो से ढाई घंटे के कट दो-दो बार लग रहे हैं जिससे शहरवासी रात को चैन से सो भी नहीं पा रहे।
ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य भी अधर में
उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए निगम की ओर से जिले भर में 243 नए ट्रांसफॉर्मर लगाने काम चल रहा है। वहीं, 170 पुराने ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने, 39 फीडरों के कंडक्टरों की लोड वहन करने की क्षमता बढ़ाने का काम भी प्रक्रिया में है। जिले में 11 केवी के 24 फीडरों का लोड विभाजित करने का कार्य भी जारी है। विभाग सभी कार्य इसी माह पूरे करने के दावे कर रहा है।
सिटी डिविजन में ये कार्य प्रगति पर
निगम अनुसार सिटी डिविजन में 65 नए ट्रांसफॉर्मर रखे जा रहे हैं। वहीं करीब 85 ट्रासंफॉर्मर की क्षमता 100 केवीए से 200 केवीए की जा रही है। शहर के सेक्टर-4 और सेक्टर-32 दो सब डिविजनों की क्षमता बढ़ाए जाने का कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों अनुसार ये कार्य 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है।
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