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किसान आंदोलन : दस जगह जाम, जनता रही परेशान

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करनाल। भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक के विरोध में शनिवार को किसानों ने नेशनल हाईवे-44 पर बसताड़ा टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। जैसे ही वहां पुलिस का लाठीचार्ज हुआ तो जिले में नौ और जगह किसानों ने जाम लगा दिया। इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। वहीं इससे पहले सुबह ही शहर के प्रवेश मार्गों पर पुलिस की ओर नाकाबंदी करके रास्तों को बंद किया गया था। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। वहीं किसानों के एकत्रित होने के स्थल डेरा कार सेवा और पुराने शहर से जुड़े हर रास्ते को भी सील किया गया।
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रेलवे रोड स्थित एक होटल में बैठक तो महज चार घंटे ही चली, लेकिन इस आयोजन के कारण हुई व्यवस्थाओं से पूरा दिन लोगों का परेशानियों भरा गुजरा। कई जगहों पर तो लोग पुलिस कर्मियों से भिड़ते भी नजर आए। हाईवे समेत सभी जगह नाकाबंदी और जाम के लगने के नजदीक से ही पुलिस ने इस रूट पर चलने वाले ट्रैफिक को अलग-अलग मार्गों पर डायवर्ट किया लेकिन ट्रैफिक लोड बढ़ने से वहां भी जाम की स्थिति बनी। जिले में असंध में एनएच-709 पर चार जगह और सफीदो रोड पर एक जगह, निसिंग, इंद्री, तरावड़ी और गंगसीना गांव में एक-एक जगह जाम लगाया।
रेलवे रोड से जुड़े आठ रास्ते रहे बंद
रेलवे रोड पर मछली मार्केट से लेकर निरंकारी भवन तक के रास्ते पर आठ जगह पर बैरिकेडिंग थे। ये आठ जगह वो थीं, जहां से गलियों से माल रोड या सदर बाजार, हांसी चौक आदि अन्य बाजार जुड़े थे। ऐसे में राहगीरों के अलावा स्थानीय निवासियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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डेरा कार सेवा में होना था किसानों को एकत्रित
किसान नेताओं ने भाजपा की बैठक का विरोध करने के लिए शनिवार को डेरा कार सेवा में एकत्रित होने का एलान किया था, लेकिन अल सुबह ही पुलिस ने पूरे शहर को सील कर दिया था। इस कारण 10 से 12 किसान ही डेरा कार सेवा पहुंच पाए और वह वहीं सब्जी मंडी चौक पर धरना देकर बैठक गए। इससे अलग अन्य किसान जीटी रोड स्थित बसताड़ा टोल पर एकत्रित हो गए। वहां से जब पुलिस ने किसानों को करनाल आने नहीं दिया तो किसानों ने वहां जाम लगा दिया। आंदोलन में महिला शक्ति ने भी भाग लिया।
कलंदरी गेट क्षेत्र सील करने से अंदरूनी रास्तों में फंसे वाहन
पुलिस ने रात को ही कलंदरी गेट क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया था। बजरी से भरे ट्रक व बड़े वाहनों को मुगल कैनाल चौक पर तिरछे ढंग से खड़ा कर दिया गया। इन वाहनों के एक तरफ लोहे के बैरिकेड व दूसरी ओर पत्थर के बैरिकेड लगाए हुए थे। यहां से कोई भी वाहन पुरानी सब्जी मंडी चौक व बाजार की ओर नहीं जा सका। इस चौक से कलंदरी गेट मोहल्ला की ओर रास्ते को भी सील किया हुआ था। इस कारण वाहन चालक परेशान रहे। सेक्टर 13, 14 व जीटी रोड की ओर से आने वाले हल्के वाहन मुगल कैनाल मार्केट व पुरानी सब्जी मंडी के अंदर तंग गलियों से गुजरे। इन अंदरूनी रास्तों पर पूरा दिन जाम की स्थिति बनी रही।
वाहन चालक रहे परेशान, बना रहा जाम का डर
किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते जीटी रोड पर वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जब किसानों ने जीटी रोड पर जाम लगाया था। उस दौरान किसानों और वाहन चालकों के भी बहस भी हुई थी। इसके बाद जब शाम को 4 बजे प्रदेशाध्यक्ष चढूनी मौके पर पहुंचे थे तो शाम के 4 बजे से किसानों ने 7 बजे तक जाम लगाया। हालांकि पहले 5 बजे तक ही जाम लगाने का एलान किया गया था लेकिन शाम के पांच बजे तक पुलिस ने हिरासत में लिए किसानों को रिहा नहीं किया था। इस कारण जाम सात बजे तक चला। इतना ही नहीं वाहन चालकों में जाम का इतना डर था किस वाहन चालक बार बार पूछ रहे थे कि दोबारा तो नहीं लगेगा जाम। जाम के दौरान पुलिस ने रूट का डायवर्ट कर दिया था।
किसान ने पुलिस कर्मियों पर कस्सी से किया वार
जीटी रोड जाम करने के बाद जब पुलिस किसानों पर लाठियां बरसा रही थी तो किसान खेतों की तरफ दौड़ रहे थे। इस दौरान पुलिस भी उनके पीछे दौड़ रही थी। ऐसे में एक किसान के हाथ कस्सी लग गई और उसने पुलिस कर्मचारियों पर कस्सी से वार किया लेकिन वह किसी को लगी नहीं। इसके बाद नाराज पुलिस वालों ने उस पर लाठियां बरसा दीं। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी दौरान किसानों ने पुलिस पर पत्थर फेंके तो पुलिस ने भी किसानों की तरफ पत्थर फेंके। कई लोग इसमें चोटिल हो गए।
लाठी बरसाते पानीपत डीएसपी का वीडियो वायरल
किसानों पर पुलिस के लाठियां बरसाने के घटनाक्रम में एक वीडिया डीएसपी पानीपत विरेंद्र सैनी का भी सामने आया है। इसमें वह एक किसान पर जमकर लाठियां बरसा रहे हैं और फिर उसे किसान को हिरासत में भी लिया गया।
इन किसानों को लगी चोट
लाठीचार्ज में किसानों ता राजिंद्र आर्य, जगदीप ओलक, हैपी ओलक, गुरजंट सिंह, सुलतान सिंह, सुखविंद्र सिंह, अमृत सिंह, महेंद्र सिहं बडौता, रधुबीर सिंह गगसीना, रविंद्र करनाल, अजय आर्य, तेजबीर शेखपुरा सहित करीब 20 को चोटें आई हैं।
आईजी ने संभाला मोर्चा
जीटी रोड बसताड़ा टोल पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आईजी ममता सिंह मौके पर मौजूद रही। इस दौरान एसडीएम घरौंडा पूजा भारती व एसडीएम करनाल आयुष सिन्हा ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के रूप में तैनात रहे। एसडीएम आयुष सिन्हा ने किसानों को जाम खोलने की अपील भी की थी।
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ऐसे चला लाठी चार्ज का घटनाक्रम
- सुबह 08:30 बजे किसान नेता जगदीप ओलक बसताड़ा टोल पर पहुंचे।
- 09:30 बजे तक 100 से अधिक किसान टोल पर एकत्रित हुए।
- 10:00 बजे जिला प्रशासन ने किसानों को करनाल जाने से मना कर दिया, तो वे वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
- 10:30 बजे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ की गाड़ी का किसानों ने विरोध किया।
- 11:40 बजे किसान नेता ओलख ने जीटी रोड जाम करने का एलान किया तो एसडीएम करनाल ने जाम खोलने के लिए कहा।
- 12 बजे पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। किसान खेतों में दौड़ गए, नाराज होकर किसानों ने पथराव भी किया।
- 12:30 बजे धीरे-धीरे किसान दोबारा एकत्रित होने लगे।
- दोपहर 1:30 बजे पुलिस ने दोबारा लाठी चार्ज की, जगदीप ओलख को हिरासत में लिया और डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरजिंद के साथ कहासुनी हुई।
- 03:24 बजे पुलिस ने फिर लाठीचार्ज किया।
- 03:40 बजे भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी मौके पर पहुंचे, जीटी रोड पर फिर जाम लगाया और हिरासत में लिए किसानों को छोड़ने की मांग की।
- 07:07 बजे शाम को किसानों को रिहा करने पर खोला।
शहर में यहां रहा जाम
- माल रोड पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भी सीएम गए थे, इसलिए यहां भी पुलिस तैनात रही।
- रेलवे रोड बंद होने के कारण लोगों को माल रोड या सदर बाजार की तरफ से गुजरना पड़ा
- इब्राहिम मंडी के लिए राजकीय कन्या स्कूल की तरफ से रास्ता जाता है। ऐसे में माल रोड की तरफ से आने वाले वाहनों को लंबा चक्कर काटना पड़ा।
- सुभाष कालोनी व मेयर आवास के पास के लोगों को हांसी चौक की तरफ जाने के लिए भी माल रोड की तरफ से निकलना पड़ा।
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