माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के दस लाख से अधिक बकायेदार संपत्तिधारकों पर नगर निगम की सीलिंग की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार शाम जब निगम की टीम बकायेदारों के प्रतिष्ठानों पर पहुंची तो छह में से चार ने मौके पर ही पूर्ण भुगतान के चेक थमा दिए। जबकि दो दुकानों को सील कर दिया गया है। यूं तो सुबह से ही बकायेदारों में खलबली मची रही लेकिन जब शाम को कार्रवाई शुरू हुई तो कुछ छोटे बकायेदारों ने भी भुगतान जमा करना शुरू कर दिया।
सुबह से ही बड़े बकायेदारों ने निगम में अपने करीबियों से यह पता करना शुरू कर दिया था कि आखिर आज किस तरफ जाकर सीलिंग की कार्रवाई होगी लेकिन जब शाम चार बजे तक भी टीम ने कार्रवाई शुरू नहीं की तो लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन निगमायुक्त नरेश नरवाल के निर्देश पर शाम पांच बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नगर निगम के डीएमसी अरुण कुमार की अगुवाई में ईओ देवेंद्र नरवाल, कर अधीक्षक गगनदीप सिंह आदि की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी।
सबसे पहले टीम रेलवे रोड स्थित इब्राहिम मंडी में 4.73 लाख के बकायेदार के एक प्रतिष्ठान पर पहुंची तो उसने चेक थमा दिया। इसके बाद ओल्ड जीटी रोड पर रमेशचंद्र गुप्ता के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। इन पर छूट के बाद 1.47 लाख रुपये बकाया थे लेकिन जमा नहीं करने पर प्रतिष्ठान सील कर दिया। इसके बाद अर्जुन नगर में 1.65 लाख के बकायेदार प्रिटिंग प्रेस पर टीम पहुंची। भुगतान न होने पर इसे भी सील कर दिया गया। इसके अलावा यहीं पर फर्नीचर शो रूम पर पहुंची तो यहां भी भुगतान का चेक दे दिया गया। इसके बाद दो अन्य ओल्ड जीटी रोड के दो प्रतिष्ठानों पर टीम पहुंची तो दोनों ने चेक दे दिए। जिसमें पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। निगम के पास करीब 15 लाख रुपये का भुगतान जमा हो गया है।