साइकिल मेले के अंतिम दिन विद्यार्थियों की काफी भीड़ जुटी। विद्यार्थियों ने पूरी गहनता से रंग और साइज जांच कर साइकिलें पसंद कीं, लेकिन मेले में बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावकों को उस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब बच्चों ने 3300 रुपये वाले साधारण साइकिल की बजाय 7500 रुपये तक के महंगी रेंजर साइकिल पर हाथ रख दिया। अपनी डिमांड पर अड़े कई बच्चे अभिभावकों के लाख लालच देने पर भी नहीं माने। किसी ने बाद में जन्मदिन पर वो साइकिल देने की बात कही। तो किसी ने सस्ते साइकिल के साथ कपड़े दिलवाने की बात कही। लेकिन कई बच्चों के आगे अभिभावकों की एक नहीं चली। मेरी पसंद-मेरी साइकिल योजना के तहत मेला रेलवे रोड स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल में आयोजित हुआ था। जहां एससी श्रेणी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
3300 रुपये के साइकिल का एक ही मॉडल
मेले में दो कंपनियों की ओर से स्टॉल लगाए गए थे। 3300 रुपये तक की कीमत का एक ही मॉडल दोनों कंपनियों की ओर से प्रदर्शनी में लगाया गया। जबकि अन्य साइकिलों के दाम 7500 रुपये तक थे। लेकिन सरकार की ओर से 3300 रुपये तक की राशि का ही भुगतान किया जाएगा। महंगी साइकिल लेने पर ऊपर के पैसे अभिभावकों को देने होंगे।
लाडली ने पसंद में पापा और भाई की जरूरत का भी रखा ख्याल
मेले में कई बेटियों ने जेंटस साइकिल पसंद किए। करनाल की सुमन, मेघा और वंदना से जब इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि जेंटस साइकिल को उसके भाई और पिता भी चला सकेंगे। इसलिए उन्होंने ऐसा साइकिल पसंद किया है, इसकी कीमत भी 3300 रुपये है।
तीन दिवसीय मेले में हुई 1168 साइकिल बुक
तीन दिवसीय मेले में कुल 1168 साइकिलों की बुकिंग हुई। सभी खंडों के विद्यार्थियों ने मेले में हिस्सा लिया। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डा. सुशील कुमार ने बताया कि बुकिंग की डिमांड निदेशालय भेजी जाएगी। वहां से बजट आने के बाद बुकिंग कराने वाले विद्यार्थियों के स्कूल को अलॉट कर दिया जाएगा। स्कूलों की ओर से भुगतान कर विद्यार्थियों को साइकिलें दी जाएंगी।