हरियाणा के करनाल में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जिले में भ्रष्टाचाार के खिलाफ मोर्चा खोला। इस बार हैफेड के जीएम, प्रबंधक और एक अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लाखों रुपये का बिल पास करने के लिए बारह लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपियों को साढ़े तीन लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के इंस्पेक्टर दीपक कुमार और सचिन कुमार ने बताया कि आरोपियों ने 36.50 लाख रुपये के पेंडिंग बिल पास करने के लिए के लिए 12.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत के मामले में हैफेड के जीएम, प्रबंधक और एक अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
तीनों को शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। ताकि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। बता दें कि एसीबी की टीम को तरावड़ी क्षेत्र से सूचना मिली कि हैफेड के जीएम प्रदीप, प्रबंधक धर्मबीर और आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अकाउंटेंट उनसे लंबित बिल पास करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके कुल 36 लाख 50 हजार रुपये के बिल पेंडिंग हैं। जीएम, प्रबंधक और अकाउंटेंट ने 12. 50 लाख रुपये की मांग की गई। जिसके बाद पीड़ित ने करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। इसके बाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार के नेतृत्व में टीम ने शिकायतकर्ता के साथ आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई।
हैफेड के जीएम प्रदीप को 3.50 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उनकी निजी कार से 5.46 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके बाद टीम ने आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अकाउंटेंट अजय के पास से 1.10 लाख रुपये बरामद किए। उसके बाद टीम ने हैफेड के प्रबंधक धर्मबीर को गिरफ्तार किया। जिसकी निजी कार से 2.46 लाख रुपये बरामद किए गए।