हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने अफीम रखने के दोषी को दो साल के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस बारे में एएसआई जसबीर सिंह ने 13 अप्रैल 2017 को सदर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18, 61 के तहत केस करवाया था।
राज्य की तरफ से केस की पैरवी कर रहे जिला उप न्यायवादी सुखदीप सिंह ने बताया कि घटना के दिन पुलिस पार्टी गश्त व वाहनों की जांच के दौरान गांव पाडला में खनौरी रोड बिजली घर के पास मौजूद थी। इस बीच खनौरी की तरफ से करीब रात नौ बजे एक मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति आते दिखाई दिए।
पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो मोटरसाइकिल चालक ने मोटरसाइकिल रोक दी। चालक को मोटरसाइकिल के कागजात पेश करने बारे कहा तो चालक आरसी के अतिरिक्त मोटरसाइकिल से संबंधित अन्य कागजात पेश नहीं कर सका। पूछताछ पर मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम खुशनसीब निवासी घोघड़िया जिला जींद बताया।
इस पर मोटरसाइकिल चालक खुशनसीब का चालान किया। जब एएसआई चालान भरने में व्यस्त हुआ तो मोटरसाइकिल के पीछे बैठे व्यक्ति ने अपनी पैंट से एक पॉलिथीन निकालकर नजरें बचा सड़क के नीचे साइड में गिरा दिया जिसको साथ खड़े साथी पुलिस कर्मी ने चैक किया तो उसमें अफीम मिली।
पुलिस ने केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कागजी कार्रवाई पूरी करके पुलिस ने चालान अदालत में पेश किया। केस में कुल नौ गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद खुशनसीब को अफीम रखने का दोषी पाया और अपने 18 पेज के फैसले में दो साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।