माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की भारतमाला परियोजना के करनाल रिंग रोड का निर्माण किया जाना है, इसकी डीपीआर लगभग तैयार हो चुकी है। जिसे केंद्र व राज्य सरकार से अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसका टेंडर नवंबर में लगने की संभावना है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य दिसंबर महीने में शुरू हो जाएगा।
रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेेकर मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एनएचएआई के अंबाला स्थित कार्यालय के परियोजना निदेशक विरेंद्र सिंह, तकनीकी प्रबंधक अंकुश मेहता, कार्यकारी अभियंता बिजली, लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, जिला वन अधिकारी नरेश रंगा आदि अधिकारियों के साथ बैठक करके अब तक के कार्य की समीक्षा की।अधिकारियों को निर्देशित किया वह संयुक्त रूप से दौरा करके अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्य को जल्द से जल्द से पूरा करें। बिजली लाइन व पोल शिफ्टिंग के जल्द से जल्द एस्टीमेट तैयार करके एनएचएआई को भेजें। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता यदि किसी का मकान या फैक्टरी आती है तो उसका एस्टीमेट तैयार किया जाए। वन अधिकारी को निर्देश दिए कि रिंग रोड के बनने में जो भी पेड़ आते हैं उनका एस्टीमेट बनाया जाए ताकि रिंग रोड का कार्य आगे बढ़ाया जा सके। करनाल रिंग रोड साढे 34 किलोमीटर लंबा होगा। जिले के 23 गांवों से होता हुआ गुजरेगा। इसके लिए 219 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद नवंबर माह में अवार्ड किए जाएंगे और 2021 के अंत तक प्रोजेक्ट के निर्माण का काम शुरू होकर 24 से 30 महीनो में मुकम्मल हो सकता है। मार्गरेखा लगभग फाइनल है। भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटि शिफ्टिंग के कार्यों पर आने वाले खर्च को केंद्र व राज्य सरकार आधा-आधा वहन करेंगी। करनाल रिंग रोड 6 लेन का बनेगा, जिसकी चौड़ाई करीब 60 मीटर होगी। पश्चिम में शामगढ़ के साथ लगते विवान होटल के पास से शुरू होकर गांव दरड़ से नेवल, शेखपुरा, गंजोगढ़ी से होते कुटेल के पास टोल प्लाजा तक जाएगा।
इन गांवों से गुजरेगा रिंग रोड
-नीलोखेड़ी के गांव शामगढ़, दादूपर, झंझाड़ी, कुराली, दरड़, सलारू, टपराना, दनियालपुर व नेवल तथा करनाल के गांव कुंजपुरा, सुभरी, छपराखेड़ा, सुहाना, शेखपुरा, रावंर, गंजोगढ़ी, बड़ौता, कुटेल व ऊंचासमाना तथा घरौंडा के गांव खरकाली, झिमरहेड़ी, समालखा व बिजना सहित कुल 23 गांवों से गुजरेगा।