करनाल। आम बजट में हुई घोषणाएं युवाओं की दुनिया में बड़ा बदलाव लाएगी। देश में पहली बार यूनिवर्सिटी मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर और स्कूल की क्लास टीवी चैनल पर होगी। बजट में प्री स्कूल से लेकर उच्चतर शिक्षा और रोजगार तक में बदलाव की बात की गई है।
देश में पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना का एलान हुआ है। साथ ही एक क्लास-एक टीवी चैनल पर पढ़ाई की बात भी की गई है। दो साल से कोरोना काल में डिजिटल प्लेटफार्म पर आई शिक्षा की गाड़ी अब रफ्तार पकड़ेगी।
कोरोना के कारण कई बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई थी। सबसे ज्यादा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूली और कॉलेजों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। इस वर्ग के विद्यार्थी अपना भविष्य तय करने की राह पर हैं, जिन्हें बेहतरीन शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी चाहिए।
अब शिक्षा की इस नई व्यवस्था को शिक्षाविद, शिक्षक और विद्यार्थी नया आयाम देने वाला बता रहे हैं। उनका कहना है कि डिजिटल यूनिवर्सिटी से युवाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा। इंटरनेशनल आउटरीच बढ़ाने में भी कामयाबी मिलेगी। पढ़ाई के दौरान बाहर रहने के खर्चों में भी राहत मिलेगी। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग इन घोषणाओं को कैसा समझते हैं, किस क्षेत्र के कितने युवाओं को लाभ होगा, पढ़ें अमर उजाला की इस विशेष रिपोर्ट में-
स्कूली शिक्षा
ढाई लाख विद्यार्थियों के लिए ट्यूशन की तरह काम करेंगे टीवी चैनल
प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना के तहत एक चैनल एक क्लास योजना शुरू होगी। इसके तहत 200 ई-विद्या टीवी चैनल शुरू किए जाएंगे। इस योजना का लाभ उठाकर कक्षा पहली से 12वीं तक के बच्चे ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। साथ ही बच्चों को क्षेत्रीय भाषा में भी शिक्षा सुविधा मुहैया कराई जाएगी। जिले में हरियाणा बोर्ड और सीबीएसई के राजकीय और निजी मिलाकर 1100 स्कूल हैं, जहां ढाई लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि इस व्यवस्था से पढ़ाई आसान होगी। टीवी चैनल ट्यूशन की तरह काम करेंगे।
उच्चतर शिक्षा
घर बैठकर देश की टॉप यूनिवर्सिटी के समकक्ष होगी पढ़ाई
डिजिटल यूनिवर्सिटी खोली जाएगी, जिसमें कई भाषाओं में पढ़ाई होगी। देश की टॉप यूनिवर्सिटी को भी इस प्रोग्राम से जोड़कर शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जाएगा। कोविड की वजह से प्रभावित शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। जिले के 22 कॉलेजों में 25 हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, इसके अलावा हर साल करीब 10 हजार विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा से पढ़ाई करते हैं। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. राजेश रानी व शिक्षाविद डॉ. प्रवीण भारद्वाज और डॉ. अनुराधा का कहना है कि विद्यार्थियों को घर बैठे देश की टॉप यूनिवर्सिटी के समकक्ष पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
प्री स्कूल
1.15 लाख बच्चों को मिलेंगी मॉडर्न केंद्रों पर सुविधाएं
वित्त मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र मॉडर्न करने की घोषणा की है। यानी पुरानी आंगनबाड़ी को अपग्रेड किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की डीपीओ राजबाला का कहना है कि इससे यहां आने वाले बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। जिले में 1479 केंद्र हैं, जहां सभी आयु वर्ग के 115489 बच्चे और सैकड़ों गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। वर्तमान में हालात यह हैं कि 37 केंद्रों पर वर्कर्स और 66 केंद्रों पर हेल्पर्स का पद खाली है। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की सचिव बिजनेश का कहना है कि सरकार को वेतन बढ़ोतरी और खाली पदों को भी भरना चाहिए। तभी केंद्रों को मॉडर्न होने का फायदा होगा।
नौकरियां
62 हजार युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
सरकार ने बजट में 16 लाख नौकरियां आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत और 60 लाख नौकरियां मेक इन इंडिया के तहत देने की बात की है। जिले में 62 हजार स्नातक एवं स्नातकोत्तर बेरोजगार युवाओं का नाम जिला रोजगार विभाग में पंजीकृत हैं। सरकार की इस योजना के बाद इन युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कौशल विकास कार्यक्रमों को नए सिरे से शुरू करने की बात की गई है। आईटीआई के प्रिंसिपल धमेंद्र सिंह का कहना है कि राज्यों में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों को भी जरूरत के अनुसार अपग्रेड करने की घोषणा हुई है। इससे भी सुविधाएं बढ़ने की संभावना है।
सरकार की घोषणाओं पर शिक्षाविदों की राय
इंटरनेशनल आउटरीच की तरफ बढे़ंगे कदम
डिजिटल यूनिवर्सिटी का कदम भारतीय शिक्षा प्रणाली पर अमिट प्रभाव डालेगा। इससे एक तरफ क्लास रूम में आने की बाध्यता खत्म होगी वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी व शैक्षिक संस्थाओं पर इंफ्रास्ट्रक्चर लोड बढ़ाने के दबाव से भी मुक्ति मिलेगी। इंटरनेशनल आउटरीच बढ़ाने की दिशा में यह अहम कदम साबित होगा।
- डॉ. धर्मपाल, सहायक निदेशक, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी
फायदेमंद होगी व्यवस्था, बचेगा पढ़ाई का अतिरिक्त खर्च
वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए डिजिटल यूनिवर्सिटी बेहद फायदेमंद साबित होगी। इसका आने वाले समय में विस्तार भी होगा। बस थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रेक्टिकल ओरियेंटेड कोर्स के लिए नजदीकी संस्थानों की लैब में विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था हो। पढ़ाई के लिए हॉस्टल पर होने वाले खर्च से युवा बचेंगे।
- डॉ. पीयूष कुमार, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी
सही समय पर लिया निर्णय, सकारात्मक होंगे परिणाम
कोरोना के कारण दुनिया में ऑनलाइन शिक्षण पर फोकस बढ़ा है, कई देशों में डिजिटल यूनिवर्सिटी का पैटर्न पहले से ही चल रहा है। हमारे देश को भी इसकी जरूरत है, सही समय पर निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। टॉप की यूनिवर्सिटी से पढ़ने का सपना भी साकार होगा।
- डॉ. सरिता, प्रिंसिपल, राजकीय महिला महाविद्यालय
एनआरआई भी कर सकेंगे भारत में पढ़ाई
विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी इंडियन यूनिवर्सिटी से पढ़ने का अवसर मिलेगा। कई ऐसे ट्रेडिशनल कोर्स हैं जो भारत में ही बेहतर तरीके से पढ़ाए जाते हैं। खासतौर पर भारतीय भाषाओं से जुड़े तमाम कोर्स को डिजिटल यूनिवर्सिटी से पढ़कर एनआरआई पारंगत हो सकते हैं। भारतीय भाषाओं का विदेशों में चलन तेजी से बढ़ा है।
- डॉ. आशीमा गक्खड़, प्रिंसिपल, दयाल सिंह महाविद्यालय