माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बैंकों का 53 लाख का लोन चुकाए बिना 1.14 करोड़ रुपये में जमीन बेचकर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पिछले सात साल में अलग-अलग बैंक से चार बार में लोन लिया था। लेकिन इसे चुकाए बिना ही आरोपी कुलवंत वासी गांव बांसा ने सोनीपत के गांव असावरपुर निवासी मूर्ति देवी और उर्मिला को 3.5 एकड़ जमीन 1.14 करोड़ रुपये में बेच दी।
इस फर्जीवाड़े का उन्हें तब पता चला, जब रजिस्ट्री होने के बाद महिलाएं इंतकाल कराने पहुंचीं। मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के करीब छह माह बाद आरोपी को पंजाब के बटाला से गिरफ्तार किया है। पांच दिन के रिमांड में आरोपी ने फर्जीवाड़े की पूरी कहानी बताई। वीरवार को आरोपी को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह है मामला
मूर्ति देवी और उर्मिला वासी गांव असावरपुर जिला सोनीपत ने 16 अप्रैल को आरोपी कुलवंत सिंह, उनके बेटे गुरजंट और पत्नी जगदीश कौर वासी बांसा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से जमीन खरीदने के लिए वे आरोपी कुलवंत से मिले थे। गांव बांसा में 28 कनाल 18 मरले (3.5 एकड 18 मरले) जमीन का एक करोड़ 13 लाख 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। जमीन की रजिस्ट्री के बाद जब वे इंतकाल करवाने संबंधित पटवारी के पास गए तो उन्हें आरोपियों द्वारा अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंकों से जमीन पर लोन लेने का पता चला। इस कारण पटवारी ने इंतकाल करने से मना कर दिया। 24 मई को पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। जिसकी जांच सीआईए-1 को सौंपी गई।
बेटे-बहू को अमेरिका भेजने और कर्ज उतारने में खर्च किया पैसा
सीआईए-1 के विवेचना अधिकारी सलेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आदतन अपराधी है। जिसके खिलाफ 2017 से 2021 तक एक ही जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर अलग-अलग बैंकों से लोन लेकर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले दर्ज हैं। जिसमें चार मामले थाना सिविल लाइन करनाल व एक मामला थाना सिविल लाइन कैथल में दर्ज हैं। इन मामलों में वह फिलहाल जमानत पर था। आरोपी ने धोखाधड़ी से मिले रुपयों से अपने पुत्र व पुत्रवधू को अमेरिका भेजा और अपना सारा कर्जा उतारने के लिए इस्तेमाल किया।
2015 और 2019 में लिया था लोन
आरोपी ने 2015 में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर शाखा करनाल से जमीन के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से धोखाधड़ी करके तीन बार 16-16 लाख रुपये का लोन लिया। इस संबंध में थाना सिविल लाइन करनाल में 2017 में तीन मामले दर्ज हैं। आरोपी कुलवंत व अन्य ने 2019 में आईडीबीआई बैंक शाखा सेक्टर-12 से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुल 2 करोड़ 61 लाख 46596 रुपये का लोन लिया था, इनमें पांच लाख रुपये कुलवंत के थे। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ 2019 में थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज है।