संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दीपावली के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ता जा रहा है। बुधवार को जिले का एक्यूआई 307 पर पहुंच गया। जो कि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। वहीं फिलहाल मौसम में भी किसी तरह के परिवर्तन की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा चलने या बारिश होने पर ही प्रदूषण का यह स्तर कम होगा पाएगा।
प्राचार्य एवं रसायनशास्त्री डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को वायुमंडल में पीएम 2.5 का स्तर औसतन 307, न्यूनतम 120 व अधिकतम 406 आंका गया। पीएम 10 का स्तर औसतन 209, न्यूनतम 118 व अधिकतम 291 आंका गया है। एक्यूआई स्तर 0-50 तक स्वास्थ्य के लिए उत्तम रहता है। वहीं 51-100 तक संतोषजनक माना जात है। इससे अधिक बढ़ने पर नुकसानदायक माना जाता है। जब तक इसमें सुधार नहीं होता तब तक सड़क व भवन निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव करना चाहिए। गांवों, खेतों व शहरों में कहीं भी कचरा न जलाएं।
443 किसानों पर लगाया 11.22 लाख रुपये जुर्माना
करनाल। जिले में फसल अवशेषों में आग लगाने के मामलों की जांच करते हुए कृषि विभाग ने 443 किसानों के चालान किए हैं। इन किसानों पर 11 लाख 22 हजार 500 रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि आगजनी की 165 सूचनाओं के मामले में जांच की जा रही है। जिले में धान कटाई के सीजन में इस बार अब तक सेटेलाइट से आगजनी की कुल 849 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इन 861 सूचनाओं पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने जांच की तो 90 जगहों पर आगजनी की घटना नहीं पाई गई। गैर कृषि क्षेत्र में भी आगजनी की 57 घटनाएं हुई हैं। कृषि क्षेत्र में 666 स्थानों पर आगजनी की पुष्टि हुई है। संवाद
पर्यावरण संरक्षण समिति ने जताई चिंता
करनाल। पर्यावरण संरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने वायु गुणवत्ता सूचकांक 325 तक पहुंचने पर चिंता जाहिर की है। बुधवार को सेक्टर 13 पार्क में हुई बैठक में शहर की खराब हुई आबोहवा सुधारने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। समिति अध्यक्ष एसडी अरोड़ा ने कहा कि पेड़ों की कटाई होना ही प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि शहर की आबोहवा को सही रखने का उपाय केवल पेड़ों की संख्या बढ़ाना ही है। बैठक में मुख्य संरक्षक कंवल भसीन, ओपी सचदेवा, रामरतन अत्री, एसके चावला, केएल नारंग, विनोद कुमार गुप्ता, अर्जुन देव वर्मा, बाबू राम शर्मा, संतोष अत्रेजा, डॉ. पुष्पा सिंह व सुनीता कुमारी मौजूद रहे। संवाद