65: करनाल: रामनगर क्षेत्र के लोगों को रेलवे फुटओवर ब्रिज के उद्वघाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री म
करनाल। भले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के शनिवार को करनाल आगमन की बात पहले से प्रचारित नहीं की गई, लेकिन करीब सालभर के बाद ऐसा नजारा दिखा, जब न तो कोई मुख्य मार्ग बंद किया गया, न ही कहीं बैरिकेडिंग लगाई गई। जिसने भी चाहा, वह बिना किसी रोक-टोक के मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात कह सका। इससे लोग काफी खुश दिखाई दिए।
किसान आंदोलन के चलते भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) आदि किसान संगठनों ने हरियाणा में सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के विरोध का एलान कर रखा है। इसी साल 10 जनवरी को करनाल के कैमला गांव में विधायक हरविंद्र कल्याण के संयोजन में बुलाई गई किसान महापंचायत में किसानों ने भारी विरोध किया। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर भी नहीं उतर सका।
इसके बाद 28 अगस्त को करनाल में भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन का विरोध किया गया। इस दिन किसानों पर लाठीचार्ज भी हुआ। इसके अलावा भी प्रदेश में किसानों ने कई बार भाजपा नेताओं व मंत्रियों का विरोध किया है। अक्सर मंत्रियों और नेताओं के कार्यक्रम से पहले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी जाती है। भारी पुलिस बल तैनात कर दिया जाता है, लेकिन शनिवार को नजारा बदला-बदला सा दिखा। मुख्यमंत्री का 4.30 बजे करनाल आने का कार्यक्रम था लेकिन इसे प्रचारित नहीं किया गया था। दोपहर को ही लोगों को जानकारी हो सकी कि मुख्यमंत्री करनाल पहुंच रहे हैं। सड़कों पर भी दोपहर के बाद पुलिस बल नजर आने लगा लेकिन न तो कोई मार्ग अवरुद्ध किया गया और न ही कहीं बैरिकेडिंग की गई।