संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) डीम्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से 458 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें चार विदेशी छात्र भी शामिल हैं। संस्थान के सभागार में आयोजित समारोह में निदेशक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान सहित सभी वरिष्ठ वैज्ञानिक भारतीय परिधान सफेद कुर्ता-पाजामा में मंच पर पहुंचे।
सभी विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से समारोह से जुड़े। पीएचडी की डिग्री हासिल करने वालों में 2019 सत्र के 55 व 2020 सत्र के 72 विद्यार्थी, मास्टर डिग्री धारकों में 2019 सत्र के 121 व 2020 सत्र के 128, बीटेक डिग्री प्राप्त करने वालों में 2019 सत्र के 32 व 2020 सत्र के 50 विद्यार्थी शामिल हैं।
मुख्य अतिथि ऑनलाइन जुड़े भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों में एनडीआरआई सर्वोच्च स्थान पर है। उन्होंने सभी डिग्री धारकों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अपना भविष्य संवारने के साथ देश के विकास में भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में भारत का विश्व में पहला स्थान है लेकिन इसके साथ दुग्ध उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की दिशा में गुणवत्ता पर ज्यादा जोर देना होगा। देसी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा दें। पोषण को ध्यान में रखें। खेती के साथ किसानों को बहुआयामी व्यवस्था पर जोर देना होगा, क्योंकि पर्यावरणीय बदलावों के फसल उत्पादन पर प्रभाव पड़ने का अंदेशा रहता है। इसलिए कृषकों को खेती के साथ पशुधन रखना जरूरी है। मौके पर डा. धीर सिंह, डा. आरआरबी सिंह, डा. एके डांग व विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
इन विदेशी छात्रों ने ली डिग्री
बीटेक डिग्री हासिल करने वालों में छात्र उस्मान सैदू (नाइजीरिया), एमएससी डिग्री लेने वालों में मुजतबा रहिमी (अफगानिस्तान), सरीजारो शर्मा (नेपाल) व पीएचडी की डिग्री लेने वाले मोहम्मद अलहुसैन (सीरिया) शामिल हैं।