माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर उतर आए हैं। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन वीरवार को करीब 325 करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। 12 सरकारी बैंकों की सभी 285 शाखाओं पर दिन भर ताले लटके रहे। सेक्टर-12 में पीएनबी के सामने हड़ताली बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना दिया। इसके बाद विरोध मार्च भी निकाला। इस दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। हड़ताल से आमजन को परेशानी हुई। अब शनिवार को सभी बैंक खुलने पर लोग अपने जरूरी कार्य निपटा सकेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। आइबोक (एआईबीओसी) हरियाणा के प्रांतीय प्रधान उमेश भाटिया ने धरने का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि दो दिन की यह हड़ताल सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में है। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो बैंक कर्मचारी और अधिकारी फिर से हड़ताल करेंगे। अगली हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है।
बोले, अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए जनता भी हमारे साथ
ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ललित अरोड़ा, एआईपीएनबीओए करनाल मंडल के पूर्व प्रधान सुमेर सिंह ने कहा कि बैंकों के निजीकरण के इस विरोध में जनता उनके साथ है, क्योंकि जनता अपने पैसे की सुरक्षा चाहती है और सरकारी बैंकों में उनकी जमापूंजी सुरक्षित है। जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ सरकारी बैंकों से मिल रहा है, चाहे वह जनधन खाते हों या स्वनिधि स्कीम में ऋण। इसके अलावा कृषि ऋण, शिक्षा ऋण और व्यवसाय के लिए ऋण भी सबसे ज्यादा सरकारी बैंकों द्वारा दिया जाता है।
किसान नेता ने भी दिया समर्थन
बैंककर्मियों के धरने का किसानों ने भी सहयोग किया। किसान यूनियन से जगदीप औलख धरना स्थल पर पहुंचे। करीब चार घंटे के धरने के बाद बैंककर्मियों ने सेक्टर-12 से शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक तक प्रदर्शन किया। इस दौरान कई महिला बैंक कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर पहुंचीं। इस अवसर पर महेंद्र राठी, अनिल कुमार, निशु तोमर, विकास, दीपक गर्ग, मंजीत कुमार, पूर्व सैनिक प्रकोष्ट से जसवीर पन्नू, रोहताश, संतोष आर्य और बीडी अग्रवाल ने संबोधित किया।
ज्यादा कैश न जमा हुआ न निकला, न चेक क्लीयर हुए
बैंकों की हड़ताल के कारण सरकारी विभागों और एजेंसियों का ज्यादा कैश न तो जमा हो पाया, न ही किसी जरूरतमंद को एटीएम की निर्धारित सीमा से अधिक नकदी मिल पाई। इसके अलावा नियमित क्लीयर होने वाले चेक भी हड़ताल के कारण नहीं लग पाए। इसी वजह से ज्यादा लेन-देन प्रभावित हुआ है। हालांकि एटीएम मशीन, जमा मशीन, चेक बॉक्स, पास बुक मशीन और नेट बैंकिंग चलते रहे।