माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। घीड़ अनाज मंडी के बाद जिले की जुंडला अनाज मंडी में धान खरीद में की गई हेराफेरी के मामले में 12 राइस मिलों पर मार्केटिंग बोर्ड ने बाजार व विकास शुल्क सहित 26.68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन राइस मिलों में स्थलीय सत्यापन के दौरान 22 हजार क्विंटल पीआर धान व 7000 क्विंटल बासमती प्रजाति का धान अधिक पाया गया था।
सवाल उठ रहा है कि मार्केटिंग बोर्ड ने राइस मिलों पर तो कार्रवाई कर दी लेकिन घीड़ व जुंडला अनाज मंडी में अपने विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
पिछले दिनों मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक विनय सिंह ने खुद घीड़ व जुंडला अनाज मंडियों में कार्रवाई कराई। घीड़ में नौ राइस मिलों पर कार्रवाई हुई। मामले में मंडी कर्मियों, आढ़तियों व राइस मिलर्स के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई लेकिन हेराफेरी के जिम्मेदार मंडी कर्मियों को सिर्फ घीड़ से हटाकर कुंजपुरा भेज दिया। इसी तरह जुंडला अनाज मंडी में भी मंडी कर्मियों के प्रति तो पूरी सहानुभूति रही लेकिन 12 राइस मिलों, जिनके यहां 29 हजार क्विंटल धान अधिक पाया गया है उन पर 2668566 रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसमें दो प्रतिशत मार्केट फीस व दो प्रतिशत एचआरडीएफ भी शामिल है। मिलर्स में इस बात को लेकर नाराजगी है कि मार्केटिंग बोर्ड ने सिर्फ राइस मिलर्स व आढ़तियों को ही निशाना बनाया है।
किस राइस मिल पर कितना जुर्माना
राइस मिल नाम धनराशि
-यथार्थ व्यापार प्रा.लि. 131160
-केएम फूड्स 246600
-सरस्वती एग्रो फूड्स 134898
-श्रवण राइस मिल 249000
-जय दुर्गा राइस मिल 50004
-गुरु रामदास राइस मिल 197904
-केबीआर एग्रो इंडस्ट्रीज 755139
-हरी भोग ओवरसीज 281353
-बुद्धराम एंड संस 158223
-शक्ति एग्रो 92568
-बीआर फूड्स 89399
-वातान राइस मिल एंड जनरल मिल्स 282318
-जुंडला अनाज मंडी से जुड़े 12 राइस मिलों में धान का सत्यापन मार्केटिंग बोर्ड द्वारा कराया गया था। जिसमें धान अधिक पाए जाने पर राइस मिलों में धान की उपलब्धता के आधार पर विकास शुल्क व बाजार शुल्क सहित कुल 26.68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- ईश्वर राणा, जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी करनाल
घीड़ अनाज मंडी में राइस मिलों में सत्यापन तो खरीद एजेंसियों ने किया था लेकिन इस मामले में कार्रवाई करने का अधिकार मार्केटिंग बोर्ड का ही है। इसमें पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
अशोक रावत, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक करनाल