करनाल। घरौंडा क्षेत्र में पुलिस और महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम ने रविवार को एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का विवाह रुकवाया। नाबालिग का विवाह 23 वर्षीय युवक के साथ एक निजी मैरिज हॉल में करवाया जा रहा था। इस मामले की किसी ने सूचना पुलिस को दी तो यह कार्रवाई की गई। लड़की के दस्तावेजों की जांच की गई तो उसे नाबालिग पाया। इस दौरान नाबालिग की मां ने बताया कि लड़की का पिता बीमार है इसलिए उसका विवाह करवाया जा रहा है। युवक व नाबालिग पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
उधर महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने मंगलवार को न्यायाधीश अक्षय चौधरी की कोर्ट में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए गत शुक्रवार को बालिग होने तक बाल विवाह पर रोक लगाने के आदेश दिए।
नाबालिग का विवाह करवाना संगीन अपराध है। उसकी शादी को रुकवा दिया गया है। समाज के लोगों की भी जिम्मेदारी है कि ऐसे कृत्यों को बढ़ावा न दें।
-रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी