संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। किसानों की करीब 10 एकड़ सूरजमुखी की फसल खराब हो गई है। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों की दो महीने की मेहनत बेकार हो गई। इसकी सूचना उन्होंने कृषि विभाग अंबाला को दी है। जिसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है। अब कृषि विभाग फसल खराब होने के कारण का पता लगाने में जुट गया है। किसान जय सिंह धनौरा ने बताया कि उनके पास कुल 50 एकड़ है। जिसमें से 4 एकड़ में उन्होंने सूरजमुखी की फसल लगाई थी। इसके साथ ही धनौरी के सुखबीर व वीरेंद्र ने भी अपनी 3 - 3 एकड़ में सूरजमुखी की फसल लगाई थी लेकिन फसल खराब हो गई है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
किसानों को हुआ लाखों का नुकसान
सूरजमुखी का बीज प्रति एकड़ 1.200 किग्रा प्रयोग किया जाता है। जिस पर कीटनाशक व अन्य दवाओं व खाद इत्यादि समेत खर्च मिलाकर करीब 17 हजार के करीब तक खर्च आता है। एक एकड़ से 6 से 10 क्विंटल तक फसल की औसत निकलती है। पिछले साल सूरजमुखी का एमएसपी 5500 रुपये था। उस हिसाब से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
छह से सात फुट का होता है तना
सूरजमुखी का तना सामान्य तौर पर 6 से 7 फुट लंबा होता है लेकिन पीड़ित किसानों के खेत में सूरजमुखी का फूटाव सही तौर पर न होने के कारण तना 6 से 10 इंच का ही उगा है। इसके अलावा सूरजमुखी के तने पर केवल एक फूल आता है जबकि उनके पास छोटे से तने पर ही करीब 6 से 7 फूल अंकुरित होने लगे हैं। जो पूरी तरह ग्रोथ नहीं कर पा रहे हैं।
सूचना मिलने पर अंबाला कृषि विभाग अधिकारियों की टीम ने मौके का मुआयना किया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ललित शर्मा, बीटीएम, कृषि विभाग, बराड़ा