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सुबह चार बजे से शुरू हुई पूजा अर्चना, मेले में पहुंचे लाखों श्रद्धालु

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31-कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी मेले में लगी लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें। - फोटो : Kaithal
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गांव बाबा लदाना में स्थित बाबा राजपुरी के डेरे में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक मेले में दूसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालु सुबह चार बजे से पूजा अर्चना के लिए मंदिर में पहुंचना शुरू हो गए। दिनभर श्रद्धालुओं की मंदिर के बाहर कतारें लगी रही। यहां दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के साथ-साथ साधू समाज से भारी संख्या संत पहुंचे।
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हरियाणा सहित दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, यूपी, उतराखंड व अन्य स्थानों से श्रद्धालुओं ने मेले में पहुंचकर बाबा राजपुरी की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दूध, घी, मक्खन व प्रसाद चढ़ाकर परिवार, धन-धान्य व पशुधन में वृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला स्थल व अन्य सड़कों पर पुलिस बल तैनात रहा। गांव बाबा लदाना की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए, जहां महिला और पुरुष पुलिस कर्मी तैनात रहे। मेला स्थल पर भी पुलिस मौजूद रही। आसपास के गांव के लोगों द्वारा भंडारे भी लगाए गए।
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डेरे की कमेटी की ओर से कोरोना को लेकर व्यवस्था बनाने के लिए प्रबंध किए गए। महंत दूजपुरी ने बताया कि कोरोना के चलते पिछली बार मेला नहीं लग पाया था। इस बार भी श्रद्धालुओं ने विशेष प्रबंधों के बीच पूजा अर्चना की। यह मेला सैकड़ों वर्षों से लगातार दशहरे से लेकर द्वादशी तक तीन दिन लगाया जाता है। इसके साथ शहर कैथल में स्थित बाबा राजपुरी डेरा में हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे। महंत हीरा पुरी ने बताया कि प्राचीन समय से यहां श्रद्धालु पूजा के लिए आते है। जिस तरह गांव बाबा लदाना में मेले का आयोजन किया जाता है। उसी प्रकार यहां भी छोटा मेला लगाया जाता है। इस बार शनिवार को शहर व आस-पास के श्रद्धालुओं ने घी-दूध, अनाज व प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी। सेवादार गंगापुरी, सुरजपुरी, शिवचरण शास्त्री, राहुल, रमेश, सतपाल, गोपाल व कृष्ण मौजूद रहे।
रोडवेज की ओर से 26 बसों को मेला स्थल की ओर रवाना किया गया। बस अड्डा पर कर्मचारियों ने स्पेशल मेला के लिए एनाउंसमेंट कराई। इसके बाद यात्री बसों में सवार होकर मेला स्थल में पहुंचे। इन बसों का मेला स्थल से थोड़ी दूरी पर ही ठहराव कराया गया। इसके बाद यात्रियों के अनुसार वापस बस अड्डा की ओर से रवाना हुई। संस्थान प्रबंधक रोहताश जांगड़ा ने बताया कि शनिवार को यात्रियों की जरूरत अनुसार 26 बसों को मेला स्थल पर भेजा गया। इसके लिए कर्मचारियों की भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है।
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