वार्ड तीन में मजदूर परिवार का घर ढह गया। हादसा उस समय हुआ जब राजबीर चौबारे में सो रहा था। अचानक मकान की लकड़ी से बनी छत भरभराकर गिर गई और वह मलबे में दब गया। मलबे में दबे राजबीर की आवाज सुनकर परिवार और पड़ोस के लोगों ने उसे निकाला।
राजबीर की पत्नी अनीता ने बताया कि घटना के समय परिवार के अन्य लोग बाहर सो रहे थे। बुधवार सुबह के समय उसका घर अचानक ढह गया। मलबे में दबे राजबीर को भारी मशक्कत से बाहर निकाला गया। हादसे में प्रभावित को गंभीर चोटें आई हैं। इसके चलते उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया। मौके पर पहुंचे वार्ड 3 पार्षद सुरेश वाल्मीकि ने हालातों का जायजा लिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। दिहाड़ी मजदूरी से घर का चूल्हा चलता है। नए घर के निर्माण के लिए संसाधन न होने के कारण परिवार लंबे समय से पुराने मकान में रह था। राजबीर परिवार के मुखिया हैं। इस दंपति के साथ-साथ दो लडक़ी और एक लड़का उक्त घर में रहते हुए गुजर बसर कर रहा था। उन्होंने सरकार की नीति अनुसार प्रभावित परिवार को राहत प्रदान करने का आग्रह किया।