जिला परिषद अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा को चाक चौबंद किया गया था। इस दौरान बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद किया गया था। यहां पर मुख्य गेट पर भी पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया था। चुनाव प्रक्रिया का समय दोपहर तीन बजे रखा गया था। इस दौरान 14 पार्षद बस के माध्यम से जिला परिषद परिसर में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यह पार्षद पिछले एक सप्ताह से पहाड़ों की सैर के लिए गए हुए थे।
वार्ड नंबर एक संजीव ठाकुर
वार्ड नंबर तीन से रुमिला ढुल
वार्ड नंबर चार से दिलबाग
वार्ड नंबर पांच से कमलेश रानी
वार्ड नंबर छह से अमरजीत
वार्ड नंबर सात से कमलेश रानी
वार्ड नंबर आठ से ममता रानी
वार्ड नंबर नौ से देवेंद्र शर्मा
वार्ड नंबर 10 से सोनिया रानी
वार्ड नंबर 13 से जिप उपाध्यक्ष
वार्ड नंबर 14 से पिंकी रानी
वार्ड नंबर 15 से मुनीष शर्मा फरल
वार्ड नंबर 16 रितू कुमारी
वार्ड नंबर 18 से मैनेजर कश्यप- वार्ड नंबर 19 से बलजीत कौर
वार्ड नंबर 20 से सुरजीत कौर
वार्ड नंबर 21 से बलवान सिंह
वार्ड नंबर दो से जिला परिषद अध्यक्ष दीपक मलिक उर्फ दीप जाखौली
वार्ड नंबर 17 से आप समर्थित राकेश खानपुर
वार्ड नंबर 12 से नेहा तंवर
जिला परिषद अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के लिए 19 जुलाई को मतदान की तिथि निर्धारित की गई थी। इससे पहले ही 18 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परिणाम जारी न करने की दलील थी। इसके बाद शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया तो संपन्न करवा ली, लेकिन इसका परिणाम जारी नहीं किया गया है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत ही यह प्रक्रिया संपन्न करवाई है। - सी जया श्रद्धा, एडीसी व सीईओ, जिला परिषद, कैथल।