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ब्राह्मणीवाला में 80 लाख रुपये गबन शिकायत की जांच करने पहुंची विजिलेंस टीम

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Vigilance team reached Brahmaniwala to investigate Rs 80 lakh embezzlement complaint - फोटो : Kaithal
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गांव ब्राह्मणीवाला में ग्रामीण विकास के नाम पर 80 लाख रुपये गबन की शिकायत ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी। सुरेंद्र कुमार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्टेट विजिलेंस की टीम वीरवार को कलायत पहुंची। इस दौरान टीम ने विजिलेंस के एसडीओ तेज सिंह के साथ पंचायती राज कार्यालय में शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की। घंटों चली जांच में निवर्तमान सरपंच राजकुमार शर्मा, पंचायत अधिकारी व शिकायतकर्ता शामिल हुए।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव ब्राह्मणीवाला में करीब 80 लाख रुपये का गबन विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर हुआ है। इसमें गली निर्माण में पंचायती राज विभाग के माध्यम से 5 लाख 62 रुपये खर्च दर्शाते हुए राशि को जारी किया गया है। जबकि आरटीआई में उक्त गली निर्माण में करीब 3 लाख रुपये व्यय बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही बाबा वाली गली निर्माण में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। साक्ष्य के तौर पर उसने इस संबंध में चैक से किए गए भुगतान का उल्लेख किया है। इसके विपरीत आरोपी इसके रिकॉर्ड को खुर्दबुर्द करने में लगे हैं। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उसके पास 80 लाख रुपये के गबन से जुड़ा हर सबूत मौजूद है, लेकिन जांच कार्रवाई में पंचायत विभाग के अधिकारी और निवर्तमान सरपंच जान बूझकर आधा अधूरा रिकॉर्ड लेकर पहुंचे। परिणामस्वरूप जांच के लिए आगामी तारीख निर्धारित कर दी गई।
वहीं ब्राह्मणीवाला गांव के निवर्तमान सरपंच राजकुमार शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता परिवार का पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा है। महर्षि वाल्मीकि चौपाल के निर्माण के लिए उन्होंने कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी रंजिश में शिकायतकर्ता आधारहीन शिकायत पर शिकायत कर रहा है। जबकि 80 लाख रुपये से जुड़े विकास कार्यों की जांच एडीसी व बीडीपीओ के माध्यम से की जा चुकी है। अब स्टेट विजिलेंस इसकी जांच कर रही है।दूसरी ओर ब्राह्मणीवाला गांव में 80 लाख रुपये के गबन से जुड़े मामले की जांच का सिलसिला पिछले काफी समय से जारी है। बताया जा रहा है इससे पहले एडीसी व बीडीपीओ के साथ-साथ अन्य अधिकारी मामले की जांच कर चुके हैं। शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने विजिलेंस का दरवाजा खटखटाया। इसी शिकायत पर आधार पर टीम कलायत पहुंची।
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