कैथल। केंद्र सरकार के बजट में की गई कई घोषणाओं से जहां लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर लाभ मिलेगा वहीं रेलवे समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार हर बार बजट में हर बार आधे अधूरे वादे करती है। जो बजट पेश करती है वह पूरा नहीं करती। रेलवे समिति के सदस्यों में इस बजट से मायूसी नजर आई। वहीं समिति के सदस्यों का यह भी कहना है कि कोरोना काल से जो रेलगाड़ी बंद पड़ी हैं उनको चलाया जाए। जब तक पुरानी गाड़ियों का संचालन नहीं होगा, नई गाड़ियां चलाने का कोई फायदा नहीं होगा।
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने कहा कि सरकार एक तरफ तो देश के बजट में 400 नई वंदे रेलगाड़ी चलाने की बात कह रही हैं। वहीं दूसरी ओर देशभर में सैकड़ों रेलगाड़ियां कोरोना काल के कारण बंद पड़ी हैं। पहले जो रेलगाड़ियां बंद हैं, उन्हें चलाया जाए। जिले में अब तक एक ही रेल गाड़ी का संचालन हुआ है। सरकार को चाहिए कि पहले पुरानी रेलगाड़ियों को चलाया जाए, इसके बाद नई गाड़ी चलाने का कदम उठाए।
रेल यात्री कल्याण समिति के प्रधान लाजपत सिंगला का कहना है कि सरकार जो रेलगाड़ी चलाने की बात कह रही है वह सराहनीय है। लेकिन, इसके अलावा जो पुरानी रेलवे लाइन थी, उनकी तरफ सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिले में उनकी पुरानी मांग है कि हरिद्वार से अग्रोहा धाम के लिए ट्रेन चले, उस पर भी बजट में कोई जिक्र नजर नहीं आया।
रेल यात्री कल्याण समिति के महासचिव ओमप्रकाश मढाड ने कहा कि जो नई रेल चलाने की बात बजट में रखी है। उनका कोई शेड्यूल जारी नहीं किया गया। सरकार जब तक पुरानी गाड़ियां नहीं चलाएगी, तब तक नई गाड़ियां चलाने का कोई फायदा नहीं है। सरकार को बजट में महंगाई पर ध्यान देने की जरूरत थी लेकिन महंगाई कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
रेल यात्री कल्याण समिति के सदस्य मदन लाल मित्तल का कहना है कि सरकार ने जो बजट पेश किया है उसका आमजन को कोई फायदा नहीं है। सरकार ने पिछले बजट में जिले में रेलवे लाइन बिछाने के लिए जो घोषणा की थी, वह अब तक पूरी नहीं हुई।