कैथल। मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से 1 फरवरी से 14 फरवरी तक ऑन साइट जाकर पानी की जांच की जाएगी। पानी पीने लायक नहीं हुआ तो उसमें जो खामियां है, उनको दूर किया जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो ग्रामीणों के पीने के पानी के वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इससे लोगों को पानी की गुणवत्ता का पता लगेगा। मोबाइल वैन के माध्यम से कर्मचारी गांव-गांव जाकर पानी के सैंपल लेकर मौके पर ही पानी की गुणवत्ता के बारे में जानकारी देंगे।
यह जानकारी देते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि एक दिन में मोबाइल लैब के माध्यम से कर्मचारी 7 गांवों में जाकर पानी की जांच करेंगे। मोबाइल लैब के जरिए पानी के 10 पैरामीटर की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आते ही घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं इसका पता चल जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो यह रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने के साथ-साथ संबंधित गांव के कनिष्ठ अभियंता के पास भी जाएगी ताकि पानी में आई कमी को दूर करवाया जा सके। अगर पानी सभी पैरामीटर पर फेल हो जाता या किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं है तो विभाग द्वारा तुरंत ट्यूबवेल से सप्लाई बंद की जाएगी। मंगलवार को खंड कैथल के गांव फ्रांसवाला, भानपुरा, दीवाल, दुंधरेहडी, सजूमा, गुहणा व कुतुबपुर के सैंपल लिए। इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया, बीआरसी संदीप कुमार व जसविंदर सिंह मौजूद रहे।