कैथल। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को चौथे दिन भी सरकारी तौर पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई। खरीद एजेंसियां सूखे गेहूं के इंतजार में हैं। पुरानी अनाज मंडी में खरीद की शुरुआत जरूर हुई लेकिन यहां निजी खरीदार ने गेहूं खरीदा। इसमें एमएसपी से एक रुपया अधिक देकर 2016 रुपये की दर से गेहूं की खरीद की गई। इस बार गेहूं की फसल के लिए 2015 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद की घोषणा की है। इस बार गेहूं पकने में कुछ दिनों की देरी है। यही वजह है कि सोमवार को चौथे दिन भी सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। रविवार को पहली ढेरी पहुंची थी। सोमवार तक कैथल की नई और पुरानी अनाज मंडी में करीब एक हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी थी लेकिन इसमें नमी ज्यादा बताई जा रही है। नमी के कारण खरीद एजेंसियां अभी खरीद शुरू नहीं कर पा रही हैं। दूसरी ओर आढ़ती भी किसानों को फसल न लाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि फसल पूरी तरह सूख जाए और निर्धारित 12 प्रतिशत तक की नमी वाला गेहूं मंडी में पहुंचे तो किसानों को गेहूं बेचने में परेशानी न हो।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामलाल गर्ग ने किसानों का आह्वान किया कि वे अपनी फसल को पूरी तरह से पक जाने के बाद ही कटवाएं। मंडी में सूखी हुई फसल लेकर ही आएं ताकि यहां बेचने में परेशानी न हो।
हैफेड के डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि हैफेड की ओर से खरीद की सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मंडियों में जैसे ही निर्धारित मापदंड पूरा करने वाला गेहूं पहुंचेगा, उसकी खरीद की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी फसल को सुखाकर ही मंडी में लाएं।
मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश ने बताया कि सरकारी खरीद सोमवार को शुरू नहीं हो पाई। प्राइवेट खरीदार ने पुरानी अनाज मंडी से 180 क्विंटल गेहूं एमएसपी से ज्यादा 2016 रुपये की दर से खरीदा है। हर रोज मंडी में सूखे गेहूं के लिए सर्वे करवाया जाएगा। जो भी ढेरी निर्धारित मापदंडों को पूरा करेगी, उसकी खरीद के लिए संबंधित एजेंसी को बुला लिया जाएगा।
डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि पूरे जिले में सोमवार को सरकारी खरीद नहीं हुई है। अभी काफी सारे क्षेत्र में गेहूं की फसल पकी नहीं है। जो गेहूं मंडियों में पहुंच गया है, उसकी नमी की जांच करवा ली जाएगी। जो भी ढेरी नियमों पर खरा उतरेेगी, उसकी खरीद करवाई जाएगी।