Teams engaged in investigation on complaints of black marketing of DAP
- फोटो : Kaithal
डीएपी खाद की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच रविवार को अवकाश के दिन भी एसडीएम संजय कुमार, कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद की अगुवाई में टीमों ने जिले भर में छापामार कार्रवाई कर डीएपी की जांच की। रिपोर्ट अनुसार जिले में डीएपी खाद नहीं मिली, लेकिन मार्केट में डीएपी से करीब 270 रुपये प्रति बैग महंगा एनपीके खाद जरूर उपलब्ध है। कृषि विभाग इस खाद का प्रयोग करने की सलाह दे रहा है। वहीं 2 नवंबर मंगलवार को जिले में कृभको का एक रैक लगने जा रहा है।
इसके बाद डीएपी की भी कोई कमी नहीं रहेगी।
डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा समूचित व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा रही है। जहां तक सवाल व्यवस्था का है, खाद बिक्री को लेकर पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। जिला में औचक निरीक्षण का कार्य जारी है। कैथल व पूंडरी मंडियों में औचक निरीक्षण के दौरान कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई है। डीसी ने इस संबंध में अधिकारियों की बैठक भी ली। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीमों को खाद की बिक्री को लेकर सतर्क रखें।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि एसडीएम संजय कुमार की अगुवाई में रविवार को जिले भर में खाद की दुकानों को खुलवाकर स्टॉक की जांच की गई। कहीं भी डीएपी तो नहीं मिला। लेकिन मार्केट में एनपीके खाद भरपूर मात्रा में है।
प्राइवेट डीलर्स के पास एनपीके खाद के 34 हजार से अधिक बैग उपलब्ध है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे गेहूं की बिजाई के लिए इस खाद का इस्तेमाल करें तथा इसमें नाईट्रोजन, फॉस्फोरस तत्वों के अतिरिक्त पोटाश तत्व भी उपलब्ध है। एनपीके खाद से पौधों की जड़ों के विकास के साथ साथ ताना मजबूत होता है और दाने चमक के साथ मोटे होते हैं जिसके फलस्वरूप पैदावार में भी बढोतरी होती है। मंगलवार 2 नवंबर को डीएपी का रैक पहुंच रहा है। इसके बाद खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। इसके अगले दिन भी एक अन्य रैक आना है।
एसडीएम डॉ. संजय ने सभी खाद डीलर्स को कहा कि खाद के भण्डारण एवं वितरण में अगर कहीं भी कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।