Private petrol pump operators on strike, crowd gathered at government pumps
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कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर निजी पेट्रोल पंप संचालकों ने सोमवार को अपने पेट्रोल पंप बंद रखे। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर में ट्यूरिज्म विभाग के पेट्रोल पंप व शुगर मिल के पेट्रोल पंप को छोड़कर बाकि सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहे। इन दोनों पंपों पर पेट्रोल व डीजल के लिए लोगों की लाइनें लगी रहीं। जिले में सभी निजी पेट्रोल पंपों पर करीब 7 साढ़े छह करोड़ के तेल की बिक्री प्रभावित रही।
जिले में करीब 150 पेट्रोल पंप हैं। जिनमें हर रोज औसतन साढ़े करोड़ से अधिक का पेट्रोल व डीजल बिकता है। सोमवार सुबह 6 बजे से लेकर मंगलवार को सुबह 6 बजे तक निजी पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहे। जिस कारण लगभग 1500 लीटर से ज्यादा पेट्रोल व 3 हजार लीटर से ज्यादा डीजल की बिक्री होती है। मिलाकर एक पंप पर 4500 से अधिक लीटर तेल रोजाना बिकता है, जिसकी कीमत 4 लाख 50 हजार रुपये के करीब बनती है। जिले में करीब 150 पंप हैं। सभी पर 6 लाख 75 हजार लीटर के करीब तेल बिकता है। इसमें करीब 2 लाख 25 हजार लीटर पेट्रोल और 4 लाख 50 हजार लीटर डीजल की बिक्री होती है। रोजाना बिकने वाले तेल की कीमत पौने 7 करोड़ रुपये के करीब बनती है।
शहर वासी नाथ सिंह ने बताया कि किसी काम से बाहर जाना था। मोटरसाइकिल में पेट्रोल नहीं था। पेट्रोल डलवाने के लिए पहले निजी पंप पर गया, वहां तेल नहीं डाला गया। 15 मिनट से यहां कतार में लगे हुए है।
शहरवासी नरेश ने बताया कि उसकी मोटरसाइकिल का तेल खत्म हो गया। उसके बाद बोतल में तेल लेने के लिए इंतजार किया है।
प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि आपात्कालीन सेवाओं के लिए एंबुलेंस, फायरब्रिगेड, सेना और पुलिस के वाहनों में तेल डाला गया। ताकि आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों। अन्य पूर्ण रूप से हड़ताल रही है।