Players are sweating at home if stadiums are closed for practice
- फोटो : Kaithal
कैथल। संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को लेकर खेल प्रशिक्षण केंद्र बंद हैं, इस कारण बॉक्सिंग खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने के लिए घर पर ही पसीना बहा रहे हैं। बॉक्सिंग के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों कीर्ति, संजना व लासू यादव ने बताया कि वह 2022 में होने वाली एशियन चैंपियनशिप के लिए लगातार अभ्यास कर रही हैं। उनका इस प्रतियोगिता में देश के लिए स्वर्ण पदक लेकर आना लक्ष्य है। इससे पहले वह कोचिंग प्रशिक्षण सेंटर आरकेएसडी कॉलेज में अभ्यास करती थी, लेकिन कोरोना के कारण अब वह सब घर पर ही अपने भाई बहनों के साथ अभ्यास कर रही हैं।
चाचा को देख चढ़ा मुक्केबाजी का जुनून
नेहरू गार्डन कॉलोनी निवासी कीर्ति ढुल ने बताया कि उनके चाचा विक्रम ढुल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। अब वे भी आरकेएसडी कॉलेज स्थित बॉक्सिंग खेल सेंटर में कीर्ति को अभ्यास करवाते हैं। स्टेडियम बंद होने के बाद वह अपने घर में बॉक्सिंग का अभ्यास कर रही है। वह अपने भाई के साथ घर पर ही हर रोज नियत समय पर अभ्यास करती है। उसने राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई मुकाबले खेले व जीते हैं।
जनकपुरी कॉलोनी निवासी 15 वर्षीय संजना ने बताया कि उनके पिता करनैल सिंह व माता सुनीता दोनों ही अध्यापक हैं। पिता की प्रेरणा से दो साल पहले ही उन्होंने बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। आरकेएसडी बॉक्सिंग सेंटर में अभ्यास अब बंद हो गया है। लेकिन उसने तैयारी बंद नहीं की है। उसने अब घर पर ही बॉक्सिंग की प्रैक्टिस शुरू कर रखी है। घर में ही आसपास के बच्चों के साथ वह कोरोना नियमों का ध्यान रखते हुए बॉक्सिंग कर रही है। उसका लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप में पदक लाने का है। इसके लिए वह खूब पसीना बहा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी पट्टी अफगान निवासी लासू यादव ने कहा कि बॉक्सिंग में अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक आप अभ्यास नहीं करेंगे तो खेल में निखार नहीं आएगा। वह जब भी कैथल में रहती है तो अभ्यास के लिए जरूर आरकेएसडी कॉलेज सेंटर में जाती है। अब चूंकि आरकेएसडी कॉलेज में अभ्यास पर रोक है तो उसने घर पर किक-बैग टांग लिया है। सुबह-शाम वह इस बैग पर पंच लगाकर अभ्यास करती है।
कोच गुरमीत सिंह ने बताया कि बच्चों को कहा गया है कि वे अपने-अपने घर पर उपलब्ध संसाधनों अनुसार कोरोना नियमों का पालन करते हुए अभ्यास जारी रखें। छुट्टियों का प्रयोग अपनी योग्यता को निखारने में करें। अभ्यास को ज्यादा से ज्यादा समय दें।