कैथल। जमीनों की रजिस्टरी में गड़बड़ी के मामले में कई पटवारियों के खिलाफ सेवा नियम सात के तहत कार्रवाई के निर्देशों से पटवारियों में आक्रोश है। पटवारियों ने एक बैठक करके इस संबंध में स्पष्ट किया कि जमीन की रजिस्टरी से पटवारी का कोई लेना-देना नहीं है। पटवारी केवल गिरदावरी सहित फील्ड का काम करते हैं। रजिस्टरी का काम तहसील स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रधान दिलबाग सिंह ढुल ने की। बैठक के बाद उन्होंने सीएम व डिप्टी सीएम के नाम डीसी प्रदीप दहिया को ज्ञापन सौंपा गया। डीसी ने पटवारियों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया है। ज्ञापन में पटवारियों ने कहा कि रजिस्टरियों में धारा सात ए में उन्हें दोषी बताया गया है जिसमें दर्शाया गया है कि पटवारियों द्वारा भूमि की किस्म तब्दील करके रजिस्टरी करवाने में भूमिका निभाई गई है। जो कि सरासर गलत व निराधार है। क्योंकि जमीन के पंजीकरण में किसी भी पटवारी की कोई भूमिका नहीं होती है। प्रत्येक पटवारी अपने-अपने हल्का में फसल रबी और खरीफ की गिरदावरी मौका अनुसार संबंधित खसरा नंबर में इंद्राज करता है।
बकायदा गिरदावरी का कार्य समाप्त होने के तुरंत बाद आला अधिकारियों द्वारा गिरदावरी की पड़ताल भी मौके पर की जाती है। रजिस्टियों के पंजीकरण में पटवारी की कोई भूमिका नहीं होती है। इस मामले में पटवारियों को दोष मुक्त किया जाए। इस मौके पर जिला महासचिव सुखविंदर सिंह, दलबीर सिंह, उपप्रधान राजेश एडवोकेट, कानूनगो जितेंद्र, रमेश, संजय कुमार, पटवारी रामनिवास, विरेंद्र, सुमित कलायत से अशोक कुमार, मनजीत सिंह, राजोंद से बलिंद्र आदि मौजूद रहे।