कैथल। जिले से गुजरने वाले सभी नेशनल हाईवे पर हादसों के कारकों को चिह्नित कर जल्द से जल्द उसे दुरुस्त किया जाए। डीसी प्रदीप दहिया ने एनएचएआई के अधिकारियों की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए।
विदित हो कि पिछले सप्ताह सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा था। इस पर डीसी ने सख्त नाराजगी जताई थी। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों की अलग से शुक्रवार को मीटिंग बुलाई थी। इसके तहत आयोजित बैठक में डीसी प्रदीप दहिया ने जल्द से जल्द नेशनल हाईवे पर हादसों के कारकों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि कोहरे में होने वाले हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम को देखते हुए अधिकारी अपने-अपने प्रोजेक्ट पर गंभीरता से काम करते हुए हादसों के कारकों को खत्म करें। कहीं भी अवैध कट नजर नहीं आना चाहिए। सांकेतिक बिंदू, जेबरा क्रॉसिंग, रिफ्लेक्टर सही जगह पर लगे होने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को इसका शिकार न होना पड़े। बैठक में एनएचआई के हिसार से सुनील जिंदल व भिवानी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर केएन शर्मा, अंबाला से एक्सईएन केके नैन, सहित कैथल से डीआरओ टीका राम, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग कर्म सिंह पठानिया, एआरटीए शीशपाल, सीटीएम अमित कुमार भी मौजूद रहे।
अफसरों को दी गई जिम्मेदारी
- बैठक में पहुंचे हिसार से एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को तितरम मोड़ पर दुर्घटना संभावित एरिया होने के कारण लाइटें लगवाए जाने, कलायत के निकट सड़क के किनारे को दुरुस्त करने, पूरे मार्ग पर रिफ्लेक्टर, संकेतक बोर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अंबाला से आए एक्सईएन को तितरम मोड़ से अंबाला तक बने हाईवे पर आवश्यक लाइटें, संकेतक दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ईस्माइलाबाद से नारनौंद तक बन रहे 152 डी को लेकर लंबित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने व लोगों के जरूरत के रास्ते देने के निर्देश जारी किए।
- दिल्ली से जम्मू के कटरा तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे के लिए काम में तेजी लाने और पात्र लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा वितरित करने को कहा। इसके अलावा सभी मुख्य मार्गों पर अवैध कटों की पहचान करके उन्हें खत्म करने के निर्देश जारी किए गए हैं।