Now the second group appeared in NRLM
- फोटो : Kaithal
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में हुए गबन के आरोप में एनआरएलएम से जुड़ी महिलाओं के दूसरे गुट ने लघु सचिवालय पहुंच कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और एक कमेटी बनाकर मामले की जांच करवाने की मांग की। महिलाओं सुनीता देवी, पूनम, मिंद्रो, गीता, कृष्णा, ’योति, रेखा रानी, परमजीत, रेनू देवी, मीना व परमजीत ने कहा कि कर्मचारियों व महिलाओं पर जो आरोप लगाए है। वह सभी झूठे और निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला कई महिलाएं इस संगठन की मासिक मानदेय प्राप्त कर्मचारी रही हैं। दो महिलाएं 2015 से इस संगठन में कार्रवाई लिखने से लेकर एजेंडा डलवाने और आंतरिक ऑडिट का कार्य करती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस संगठन में किसी भी प्रकार का कोई भी गबन नहीं है। जो भी गबन किया गया है, वह इनके द्वारा किया गया है।
उन्होंने कहा कि 1.5 करोड़ की राशि के गबन का आरोप अपने आप में हास्यास्पद हैं। क्योंकि एडीसी कि रिपोर्ट में भी पैसे की हेरा फेरी या गबन का कोई आरोप नहीं है और न ही इस राशि का कोई विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है। उपरोक्त सभी आरोपों से उनकी व मिशन दोनों की छवि खराब हो रही है। अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा की गई एकतरफा जांच कार्यवाही में बेवजह आरोप लगाने वाली महिलाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की गई और न ही इन्हें दोषी ठहराया गया है।
वे मांग करते है कि गुरदेवी व प्रवेश कौर के ग्राम संगठनों के वित्तीय लेनदेन की जांच होनी चाहिए। कृषि यंत्रों का सत्यापन एएई कृषि विभाग कैथल द्वारा किया गया था। सत्यापन से संबंधित पत्र दो बार विभाग को भेजे गए थे। एडीसी की जांच एकतरफा है, जो कुछ कर्मचारियों द्वारा की गई थी। इसमें कोई भी कमेटी नहीं बनाई गई। एडीसी कार्यालय के कर्मचारी द्वारा दुर्भावना से यह रिपोर्ट बनाई गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की कमेटी बनाकर दोबारा जांच करवाई जाए। सोमवार को एनआरएलएम से जुड़ी महिलाओं ने सोमवार को प्रदर्शन कर एडीसी द्वारा की गई जांच पर कार्रवाई की मांग की थी।