डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने का टेंडर रद्द किए जाने के करीब डेढ़ माह बाद नगर परिषद ने अब डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे को हर रोज निस्तारण करते हुए खत्म करने की पहल की है। जिसके लिए 46 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। ट्रायल आधार पर लगाए गए इस टेंडर के बाद आगामी फैसला लिया जाएगा।
शहर में कचरे के उठान को लेकर समस्या सामने आ रही है। कई जगहों पर कचरे के ढेर लगे नजर आते हैं। आम आदमी पार्टी ने सेल्फी विद कचरा की मुहिम भी शुरू की है। नगर परिषद द्वारा डोर टू डोर के तहत कार्यरत कर्मचारियों से ही कचरे का उठान करवाया जा रहा है। शहर से उठाए जाने वाले कचरे को डंपिंग यार्ड में ही डाला जा रहा है। जबकि एनजीटी के निर्देशानुसार हर रोज कचरे का निस्तारण किया जाना है। इन्हीं आदेशों की अनुपालन में अब नगर परिषद की ओर से 46 लाख रुपये का टेंडर लगाया है। इस टेंडर के तहत डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे को हर रोज खत्म करने के लिए काम किया जाएगा। डंपिंग यार्ड में कचरा पहुंचाने की जिम्मेवारी नगर परिषद की ही होगी। देखना होगा कि परिषद के ये प्रयास कितने सफल होंगे। फिलहाल डंपिंग यार्ड पर ही कचरे का ढेर लगाया जा रहा है।
सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि 46 लाख रुपये में तीन माह के लिए टेंडर लगाया गया है। जिसमें डंपिंग यार्ड में एकत्रित कचरे का निस्तारण किया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि शहर के सुंदरीकरण पर कोई असर न हो। नियमित तौर पर कचरे का उठान किया जा रहा है। जहां से भी सूचना मिलती है, कर्मचारी वहां जाकर कचरे का उठान करते हैं।