नियम 134 ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया की निगरानी अब अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। इससे जहां दस्तावेजों को लेकर हो रही समस्याओं का समाधान होगा, वहीं विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय की भी पुष्टि भी हो जाएगी। इसके अलावा अगर कोई निजी स्कूल सभी शर्तें पूरी करने वाले विद्यार्थी को प्रवेश नहीं देगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
कमेटी में एडीसी या फिर उनके द्वारा नामांकित अधिकारी को चेयरमैन बनाया जाएगा है। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी या फिर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला राजस्व अधिकारी या फिर उनके द्वारा नामांकित अधिकारी या कर्मचारी को सदस्य के तौर पर कमेटी में शामिल किया जाएगा। कमेटी के निर्देशानुसार विद्यार्थियों के परिवार की आय और व्यय का परिवार पहचान पत्र व अन्य स्रोतों के साथ मिलान किया जाएगा।
अगर दस्तावेजों में कोई संशय नहीं है तो उसे पोर्टल पर अपलोड करवाया जाएगा। अगर दस्तावेजों में भिन्नता पाई जाती है तो कमेटी तुरंत जांच करवाकर उन्हें सत्यापित करेगी। दस्तावेज सही मिलने पर अलॉट किए गए निजी स्कूलों को तुरंत विद्यार्थियों के दाखिले के निर्देश दिए जाएंगे। अगर फिर भी कोई स्कूल दाखिले से इंकार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि इस समय 134 ए के प्रथम ड्रा के अनुसार निजी स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान विभाग को स्कूल अलॉटमेंट के अनुसार दाखिले नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। विभाग की ओर से जो निर्देश आए हैं, उनका प्रमुखता से पालन किया जाएगा।