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अब यात्रियों को जींद-कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन का इंतजार

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कैथल। रेलवे की ओर से अनलॉक में अन्य गाड़ियां को तो स्पेशल बनाकर चला दिया गया है, लेकिन पैसेंजर ट्रेन अभी तक नहीं शुरू की गई है, जिससे जिले के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेल कल्याण समिति की ओर से यात्रियों के लिए जल्द ही रेलगाड़ी चलाने की मांग की गई है।
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद फिर से अब स्थिति सामान्य हो रही है। इस कड़ी में रेलवे द्वारा अंबाला-दिल्ली और दिल्ली-बठिंडा मार्ग पर कई ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है, लेकिन कुरुक्षेत्र-नरवाना रूट पर पिछले करीब दो सालों से पैसेंजर ट्रेन शुरू नहीं हो पाई है। यहां केवल जयपुर-दौलतपुर चौक इंटरसिटी ट्रेन ही संचालित हो रही है, जो साप्ताहिक है। इस बारे में रेल कल्याण समिति के सदस्य रेलवे आलाधिकारियों से संपर्क कर इसकी मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिले के ढांड पबनावा, टीक, ग्योंग, कैथल, कुतुबपुर, कलायत, सजूमा, पिंजूपुरा सहित अन्य स्टेशनों से हजारों यात्री सफर करते थे। इसके साथ ही सैकड़ों स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी ट्रेन से शिक्षण संस्थानों में सफर करते थे। ऐसे में रेलवे को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
बाइक पर सफर करने पर मजबूर, आर्थिक स्थिति बिगड़ी
गाड़ियों के बंद होने से जो श्रमिक रोजगार के लिए कैथल से जींद, नरवाना, ढांड और कुरुक्षेत्र जाते थे, वे बेरोजगार हो चुके हैं। अन्य कंपनियों में जाने वाले कर्मचारी भी बाइक से ड्यूटी जाते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में बस सेवाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में कई लोगों को काम के लिए घर से दूर दूसरे जिले व राज्यों में रहना पड़ रहा है। बाइक से आवागमन लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है।
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क्षेत्रवासी परमजीत धीमान, सोमनाथ, मालाराम, ईश्वर दयाल, अजीत सिंह, बलजीत सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरनाम सिंह, रणधीर नागरा, कपिल धीमान, नाथीराम, लक्की, मायाराम, रमेश चंद, प्रदीप, मिता, केहर सिंह, मुल्तान सिंह ने कहा कि सभी लोग अपने वाहन से काम धंधों पर आना जाना नहीं कर सकते हैं। पेट्रोल डीजल के दाम आसमान पर हैं, जिससे लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ट्रेन ही लोगों का एक सस्ता माध्यम है।
प्रतिदिन हजारों यात्री करते थे सफर-शहरवासी जय भगवान ने बताया कि जींद से कुरुक्षेत्र वाया कैथल होकर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री सफर करते थे। पिछले दो सालों से बंद ट्रेन के चलते यात्रियों को अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली सहित अन्य जगहों पर ट्रेन चलाई जा रही है तो यहां पैसेंजर गाड़ी क्यों नहीं चलाई जा रही। उन्होंने सरकार व प्रशासन से पैसेंजर ट्रेन चलाए जाने की मांग की।
बसों में दोगुना किराये का भुगतान करना पड़ रहा-रेलयात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि ट्रेन लंबी दूरी के लिए काफी कारगर हैं। इसलिए अधिकतर लोग ट्रेन में ही सफर करते हैं। गुप्ता ने बताया कि कुरुक्षेत्र-जींद रूट पर ट्रेन न चलने से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। यदि यहां पर ट्रेन का संचालन हो जाएगा तो यात्रा काफी सुगम होगी। क्योंकि ट्रेन में किराया भी कम होता है। जबकि बस के माध्यम से दोगुना किराया देना पड़ता है।
स्टेशन मास्टर रणधीर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से पैसेंजर गाड़ी के चलने को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं आए है। जैसे ही आगामी निर्देश होंगे तो गाड़ियाें का संचालन किया जाएगा।
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