फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं शुरू हुई लैब, सैंपल जा रहे पंचकूला, हो रहा बेवजह खर्च

विज्ञापन
Lab not started, samples are going to Panchkula, unnecessary expenses are being done - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
कैथल। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कलायत में शुरू होने वाली आरटीपीसीआर लैब की योजना अभी तक लटकी हुई है। लैब के लिए आवश्यक उपकरण कई माह पहले कैथल पहुंच चुके हैं, लेकिन कोरोना के टेस्ट अभी भी पंचकूला से करवाने पड़ रहे हैं। जहां हर रोज कर्मचारी सैंपल लेकर जाते हैं।
विज्ञापन

दरअसल, कलायत के सामुदायिक केंद्र में यह लैब शुरू की जानी है। अभी भी अधिकारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि आखिर यह लैब कब तक शुरू हो पाएगी। कोरोना के मामले सामने आने के बाद से ही कोरोना के टेस्ट जिले से बाहर ही करवाए जा रहे हैं।
कभी करनाल, कभी हिसार तो कभी पंचकूला सैंपल भेजकर टेस्ट करवाए जा रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर में जब सैंपल रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का समय लग रहा था तो सरकार की ओर से कलायत के सामुदायिक केंद्र में लैब बनाए जाने की मंजूरी दी गई थी। जिसके लिए एलटी, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित सहायक स्टाफ भी स्वीकृत कर दिया गया था। करीब तीन माह पहले लैब के लिए आवश्यक उपकरण भी पहुंच गए थे। लेकिन अभी तक भी यह लैब शुरू नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

रोजाना पंचकूला सैंपल लेकर जाते हैं दो कर्मचारी
कोरोना की शुरुआत से लेकर अब तक हर रोज दो कर्मचारी कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेकर जाते हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट ऑनलाइन मिल जाती है, लेकिन जांच के लिए सैंपल पंचकूला ही देकर आने पड़ते हैं। जिससे हर रोज सरकार को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। यदि जिले में ही यह टेस्टिंग सुविधा मिल जाए तो कर्मचारियों को हर रोजाना पंचकूला जाने की आवश्यकता नहीं होगी। हर रोज 300 से 400 सैंपल की जांच करवाई जा रही है। इस संबंध में पूछने पर सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने केवल इतना कहा कि लैब को लेकर काम चल रहा है। कब शुरू होगी, वे टाइमलाइन नहीं बता सकते। डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि लैब का काम जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि लोगों को जल्द कोरोना जांच की रिपोर्ट मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें