पूंडरी। जमीन बेचकर इकलौते कलेजे के टुकड़े को अमेरिका इसलिए भेजा था कि उसका बेटा अरमानों को पूरा करेगा। साथ ही अपने परिवार को भी गरीबी से उबारेगा, लेकिन वहां सड़क दुर्घटना में गौरव की मौत हो गई। बरसाना निवासी गौरव उर्फ गौरी को अमेरिका गए बुधवार को पूरे तीन वर्ष हुए थे। इन तीन वर्षों में लगभग ढाई वर्ष तक गौरव ने संघर्ष किए। छह महीने पहले ही गौरव ने ट्रक के ड्राइवर के तौर पर अपनी जिंदगी शुरू की थी। कुछ दिनों से गौरव व उसके परिवार की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी थी कि बुधवार की रात एक दुर्घटना में गौरव को काल ने मां-बाप, बहनों और दोस्तों से छीन लिया। गौरव की मौत का समाचार मिलने पर क्षेत्र में मातम पसर गया। गांव बरसाना का गौरव पुत्र रणधीर सिंह तीन बहनों का इकलौता भाई था। गौरव की दो बहनें उससे छोटी और एक बहन बड़ी है। मां और बहनें गौरव को याद कर बार-बार अचेत हो जा रहीं थीं। मां इस बात पर यकीन करने को राजी नहीं कि उसका लाल अब उसको कभी मां नहीं कह पाएगा।
ग्रामीण बता रहे हैं कि गौरव जब अमेरिका गया था तो नाबालिग था। लंबे संघर्षों के बाद 20 अप्रैल से उसकी जिंदगी की नई शुरुआत होने होने वाली थी। 20 अप्रैल को गौरव को अमेरिका की नागरिकता मिलने के लिए फिंगर होने वाले थे। इसका गौरव व उसके परिजन बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इसके तुरंत बाद गौरव अपने परिवार से मिलने आने वाला था। गांव में ही वर्ष 2017 में 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसने अमेरिका जाने की ठान ली थी। वर्ष 2018 में गौरव अमेरिका कठिन दौर से गुजर कर पहुंचा था।