जिले भर में धान की खरीद शुरू होने के तीन दिन बाद भी सुचारु नहीं हो पाई है। तीसरे दिन भी जब कैथल मंडी में धान की खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों ने पिहोवा चौक पर जाम लगा दिया। किसान अपनी ट्रालियां लेकर पिहोवा चौक पर पहुंच गए। जहां चारों ओर से जाम लगा दिया। धान की खरीद न होने का मुख्य कारण कैथल में राइस मिलर्स द्वारा धान की खरीद न करना है। बाद में डीएफएससी से अनुमति दिलवाने के बाद कैथल की नई व विस्तार अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू हुई। लेकिन पुरानी अनाज मंडी में खरीद शुरू नहीं हो पाई। जिस कारण गुस्साए किसानों ने पिहोवा चौक पर करीब चार घंटे तक जाम लगाकर जमकर रोष जताया। इसी प्रकार से पूंडरी में भी किसानों ने जाम लगाकर रोष जताया। दोपहर बाद दो बजे से लेकर सायं छह बजे तक भी किसानों का जाम जारी था। मंगलवार को डीएफएससी ने 25000 क्विंटल धान की खरीद का दावा किया है।
किसान अनाज मंडी में खरीद न होने पर अपनी ट्रालियों के साथ पिहोवा चौक पर आ डटे। जिसकी सूचना मिलते ही तहसीलदार सुदेश मेहरा व मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। लेकिन किसान नहीं मानें। उन्होंने खरीद शुरू करवाने की मांग की। इसके बाद अधिकारियों ने मंडी में जाकर खरीद बारे प्रयास किए। इसके बाद जाम खोलने को लेकर करीब 30 मिनट तक बातचीत होती रही, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे। किसानों से कहा कि जब तक धान की खरीद नहीं होती, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद तहसीलदार ने अनाज मंडी का दौरा किया और खरीद प्रक्रिया को जांचा। करीब ढाई बजे तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी दोबारा से जाम खुलवाने के लिए आए। मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश ने कहा कि मंडी में तोल शुरू हो गया है। एफसीआई ने जो माल खरीदा था, उसका बारदाना वितरित कर दिया गया है। इसके अलावा हैफेड व वेयर हाउस की खरीद शुरू हो गई है। किसान चाहे मंडी में जाकर देख सकते हैं। इसके बाद किसानों ने 28 से 3 अक्तूबर तक जो ढेरी मंडी में आई हुई है, उसकी बिना नमी जांच किए खरीद करने की बात कही और जिन ढेरियों के गेट पास कटे हुए हैं, उनकी भी खरीद की मांग की। इस दौरान किसानों की आपस में ही काफी तू तड़ाक भी हुई। लेकिन जाम खोलने पर अधिकारियों के साथ कोई सहमति नहीं बनी। इसके बाद एक बार फिर तहसीलदार ने मंडी का दौरा किया और खरीद शुरू करवाई। इसके बाद किसानों के धरना स्थल पर पहुंची। जहां पर किसानों मार्केट कमेटी सचिव ने किसानों को खरीद शुरू होने का विश्वास दिलाया। किसानों ने अपनी मांगों पर सहमति पर विश्वास जताने के लिए तहसीलदार के साथ किसानों ने मंडी का दौरा किया। जब मंडी में खरीद शुरू हुई इसके बाद ही करीब साढ़े तीन बजे जाम खोला गया।
शहर की ओर जाने वाले वाहनों का बदलवाया रूट-करीब चार घंटे तक चले किसानों के इस जाम के कारण जहां आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं किसानों ने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस व अन्य बीमार मरीजों के लिए रास्ता भी खोला गया। वहीं चौक पर जाम होने के कारण शहर में जाने वाले वाहनों का पुलिस प्रशासन ने रूट बदलवाया गया। बस स्टैंड से जाने वाले वाहनों को स्टेट बैंक रोड से निकाला गया। वहीं कमेटी चौक की ओर जाने वाले वाहनों को ढांड रोड से होते हुए छोटू राम चौक व पार्क रोड पर निकाला गया।
तीन दिन से खरीद नहीं हो रही, बारिश हो गई तो कौन होगा जिम्मेवार?-किसान नेता होशियार सिंह गिल, महाबीर नरड़, सीवन के सरपंच अमरेंद्र सिंह व गुलतान नैन ने कहा कि सरकार ने किसानों का मजाक बनाया है। सोमवार रात को बारिश हो गई। नमी बढ़ गई। अब भी यदि खरीद नहीं हो रही है तो आगे बारिश हो गई तो उसका जिम्मेवार कौन होगा? पिछले 15 दिनों में सरकार ने धान की खरीद के लिए दिन बार तिथि को बदला है। उन्होंने कहा कि 9 अक्तूबर को सीएम कैथल में पहुंच रहे हैं। उनका किसान पूरजोर विरोध करेंगे।
धान की खरीद न होने से खफा पूंडरी में किसानों ने लगाया पांच घंटे तक जाम
गुरु ब्रह्मानंद चौक पर धान की खरीद न होने से खफा किसानों ने जाम लगा दिया। जाम लगाने से पूर्व सैकड़ों की संख्या में किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। मार्केट कमेटी में अपनी समस्या का हल न होते देख और मार्केट कमेटी कर्मचारियों से नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी में जमकर नारेबाजी की। नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी के मुख्य गेट की तालाबंदी भी की। किसानों का कहना है कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी उनकी बातों को सुनने की बजाए कार्यालय से चले गए। दोपहर को 1 बजकर 50 मिनट पर किसानों ने गुरु ब्रह्मानंद चौक को जाम कर दिया। जाम लगने की सूचना पाकर थाना प्रभारी निर्मल सिंह व चौकी प्रभारी तरसेम लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जाम के लगभग आधे घंटे बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों को जाम खोलने के लिए अपील की। लेकिन किसान खरीद होने से पहले जाम खोलने को कतई राजी नहीं हुए। नायब तहसीलदार ने खरीद एजेंसियों को मौके पर बुलाया और खरीद करने का आग्रह किया। जिसमें खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि 4 बजे तक उच्चाधिकारियों के आदेश होंगे तब खरीद होगी। थाना प्रभारी व नायब तहसीलदार ने जाम खोलने का आग्रह किया लेकिन सतनाम हाबड़ी, हरसिमरन, शिबू बरसाना, राजपाल सिंह, मलकीत, बलविंद्र सिंह, सतपाल पूंडरी, दीपरन, प्रवीण करोड़ा, विकास हजवाना, महावीर हजवाना, जसमेर सिंह व राजपाल हजवाना किसानों ने खरीद न होने तक जाम नहीं खोलने का निर्णय लिया। शाम के 5 बजे तक भी नायब तहसीलदार किसानों की खरीद शुरू नहीं करवा पाए। जिस कारण गुरु ब्रह्मानंद चौक पर भारी वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन व सरकार खरीद करने का दम भरते नहीं थकती लेकिन धरातल पर नतीजे शून्य है। सायं सात बजे जाकर किसानों ने जाम खोला। तब जाकर लोगों को राहत मिली।
राइस मिलर्स को दूसरी मंडी से धान उठाने की मिली अनुमति, अब खरीद के तेजी पकड़ने की उम्मीद
कैथल। जिला प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में डीसी प्रदीप दहिया ने दावा किया कि सभी मंडियों में धान खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। किसानों को धान बेचने के समय में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नही आने दी जाएगी। सोमवार तक 2 हजार 549 मीट्रिन धान की आवक हो चुकी है। राइस मिलरों को दूसरी मंडी से धान उठाने की भी अनुमति प्रदान की गई है। विज्ञप्ति के माध्यम से डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि यदि किसी मंडी का राइस मिलर अपने परिवहन खर्च पर किसी अन्य दूसरी मंडी से धान उठाना चाहता है तो उसे इस कार्य के लिए अनुमति दी जाती है। ऐसे राइस मिलर्स जो दूसरी मंडी से धान उठाता है, तो उसको परिवहन चार्जिज की अदायगी नजदीकी लगती मंडी के अनुसार की जाएगी। विज्ञप्ति में डीसी की ओर से कहा गया कि कैथल व चीका मंडी में धान के अत्यधिक आवक को ध्यान में रखते हुए खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड व हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन प्रतिदिन खरीद करें व ढांड तथा पूंडरी मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व हैफेड दोनों खरीद एजेंसियां प्रतिदिन खरीद करें, ताकि किसी भी मंडी में अनावश्यक जाम न लगे और धान खरीद का कार्य सुचारू चलता रहे।