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टेंपो में भरकर ले जाए जा रहे डीएपी खाद के 16 कट्टे किसानों ने पकड़े, हंगामा

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Farmers caught 16 bags of DAP fertilizer being carried in tempo, uproar - फोटो : Kaithal
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खाद की मारामारी के बीच एक टेंपों में भरकर ले जाए जा रहे 16 कट्टों को किसानों ने पकड़ लिया। जिन्हें लेकर किसान अनाज मंडी चौकी में पहुंचे। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के एसडीओ सतीश नारा भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने खाद की ब्लैक मार्केटिंग का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। किसानों का कहना है कि खाद तो उपलब्ध है। लेकिन उसकी कालाबाजारी की जा रही है। जिस कारण किसान परेशान हैं।
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किसानों रोष प्रकट करते हुए कहा कि एक किसान को 16 कट्टे खाद कैसे मिल गए। ये किसी व्यापारी के हैं। जो ब्लैक में बेचने के लिए ले जाए जा रहे हैं। जबकि वे घंटों लाइन में लगकर खाद के लिए पसीना बहा रहे हैं। उन्हें एक-एक कट्टा भी नहीं मिल रहा। एक साथ 16 कट्टे किसे और क्यों बेचे जा रहे हैं।
किसानों ने यहां जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि एक व्यक्ति को तो 16 कट्टे, बाकि को एक-एक भी नहीं मिल रहा। प्रशासन की लापरवाही व कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इस तरह से ब्लैक में खाद बेचा जा रहा है। सूचना मिलते ही एसडीओ संजय कुमार, एसडीओ सतीश नारा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसडीओ ने उक्त खाद के बारे में पता लगाया तो यह खाद दो किसानों का गांव देवबन ले जाया जा रहा था। एसडीओ ने कहा कि यह खाद किसानों का ही था। कहीं बेचने के लिए नहीं बल्कि उनकी जरूरत के लिए ले जाया जा रहा था। फिर भी खाद की किल्लत है। किसानों को एक-एक कट्टा भी नहीं मिल रहा। इसीलिए खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत अनुसार एक-एक या दो कट्टे खाद के दिए जाएं। इसके बाद पुलिस चौकी में ही दो-दो कट्टे करके किसानों को खाद बांटा गया।
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एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन की सूचना के बाद वे पुलिस चौकी में पहुंचे थे। जहां ब्लैक में खाद बेचने का मामला तो नहीं मिला। लेकिन खाद व्यवस्था बनाकर वहीं पर बंटवाई गई।
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पुलिस चौकी प्रभारी संजय कुमार ने कहा कि किसानों को व्यवस्था बनाकर पुलिस चौकी में ही खाद वितरित की गई है।
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