प्राचीन समय अनुसार डेरों में बच्चों को दान दिए जाने की परंपरा अनुसार यहां डेरा बाबा राजपुरी में अंबाला की दंपती द्वारा एक डेढ़ साल के बच्चे को गद्दी पर चढ़ाकर दान कर दिया। बच्चा 28 अक्तूबर से डेरे में रह रहा है। यहां दो महिला साध्वी बच्चे की देखभाल कर रही हैं। वहीं मामले के संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। बाल संरक्षण समिति ने बच्चे के माता-पिता को तलब किया है। गुरुवार को बच्चे के माता-पिता को बुलाकर उनके बयान दर्ज होंगे, इसके बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
जानकारी के अनुसार अंबाला के बलदेव नगर निवासी एक दंपती ने कैथल में पुराने अस्पताल के निकट स्थित डेरा बाबा राजपुरी में अपने डेढ़ साल के पुत्र को गत 28 अक्तूबर को दान में दे दिया। यहां दो महिला साध्वी बच्चे की देखबाल कर रही हैं। मीडिया की जानकारी में आने पर बुधवार को मीडियाकर्मी डेरे में पहुंचे।
जहां बच्चा आराम से खेलता मिला। बच्चा खुश नजर आ रहा है। यहां साध्वी प्रभापुरी ने बताया कि बच्चा यहां खुश है। महंत हीरापुरी जी महाराज के विरोधी बच्चे को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। बच्चे को बाबा की गद्दी पर चढ़ाया गया है। इसके सारे सुबूत हैं। सभी कागजात हैं। पुलिस को भी बता दिया है। केवल विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं।
उधर, महंत हीरापुरी ने कहा कि एक दंपती बच्चा देकर गया है। पुलिस को भी सूचना दी गई है। जो भी नियम होगा, उसका पालन किया जाएगा। सभी कागजात पूरे होने के बाद ही बच्चे को रखा जाएगा। इधर बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष एडवोकेट राणा बंसल ने कहा कि ऐसे बिना नियम पूरे किए कोई भी बच्चा किसी को दान या गोद नहीं दिया जा सकता।
जेजे एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा विशेष रूप से गोद देने के नियम बनाए गए हैं। इस बच्चे के बारे में पता चला है। बच्चे को यहां छोड़कर जाने वाले माता-पिता को बुलाया है। उम्मीद है कि वे बुधवार को यहां आएंगे। उनके बयान दर्ज होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। यदि यहां डेरे में बच्चा गोद देना है तो नियमों का पालन करना होगा।
थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले की सूचना मिली थी। बाल संरक्षण समिति के संज्ञान में पूरा मामला है। अभी तक पुलिस को इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। बाल संरक्षण समिति की ओर से पूरी कार्रवाई की जा रही है।