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सुबह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गईं डीसी

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02-कैथल। ओपीडी की लाइनों में लगे मरीजों से समस्याएं सुनते हुए डॉ. संगीता तेतरवाल। - फोटो : Kaithal
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कैथल। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए डीसी संगीता तेतरवाल बुधवार सुबह करीब नौ बजे अचानक जिला अस्पताल पहुंच गईं। इस दौरान उन्होंने सभी वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं है, वे सॉल्ट के नाम से लिखी जाएं, न कि ब्रांड के नाम से। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में उन्होंने मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों से बातचीत की। फिर ओपीडी, दंत चिकित्सक रूम, त्वचा विशेषज्ञ कक्ष, आयुष वार्ड, शिशु गहन चिकित्सा वार्ड, पीएमओ कार्यालय, एंबुलेंस कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन वार्डों में मरीजों से भी बातचीत की।
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निक्कू वार्ड में डीसी ने दौरा करते हुए मशीनों की पूरी जानकारी हासिल की। दवाई देने वाले काउंटर पर जाकर निर्देश दिए कि मरीजों को सभी दवाइयां अस्पताल से ही मिलनी चाहिए। उन्होंने मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि अगर अस्पताल के लिए कोई जरूरत है तो उसकी रिपोर्ट बनाकर दें, ताकि मुख्यालय से तालमेल करके उसे पूरा किया जा सके। डीसी ने दवाओं की प्रक्रिया बारे में भी डॉक्टरों से पूछा। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जल्द ही नेशनल हेल्थ मिशन से डॉक्टर्स अस्पताल को मिल जाएंगे, जिससे डॉक्टरों की कमी दूर होंगी और इसका लाभ आमजन को मिलेगा। इस अवसर पर डॉ. रेनू चावला, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. राजीव मित्तल, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डॉ. गौरव पूनिया, प्रवीण मौजूद रहे।
मरीज बोले-सिफारिशी लोगों की हो रही है जांच
सामान्य अस्पताल में लाइन में लगे राजेश धुंधरेहड़ी ने शिकायत की कि बिना लाइन के लोगों को पहले बुलाया जा रहा है, जबकि वे काफी समय से लाइन में लगे हैं। फूल कुमार जाखौली और गंगा राम ने भी डीसी के समक्ष यही बात कही। इस पर डीसी ने तुरंत संबंधित डॉक्टर के कमरे में गई और कहा कि किसी भी मरीज के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए, सभी को सम्मान देते हुए प्राथमिकता के आधार पर इलाज करें।
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