परिवार ने सोचा था कि बेटा विदेश में रहकर अच्छा रोजगार हासिल कर सके और चार पैसे कमा सके। सोचे हुए कार्य पूरे होना तो दूर की बात, परिवार को अब तक ये भी पता नहीं चला है कि उनका बेटा विदेश में सलामत भी है या नहीं।
लीबिया में लापता हुए कैथल के गांव कैलरम के युवक साहिल का ढाई महीने बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों ने जून माह के अंतिम सप्ताह में बेटे को पुर्तगाल भेजने के लिए आरोपी उमरपाल राणा, पवन सैनी व प्रेम को 12 लाख रुपये दिए थे।
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गांव कैलरम में करीब छह एकड़ जमीन पर खेती करने वाले शिवकुमार ने अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रख दी थी, ताकि उसका बेटा विदेश में रहकर अच्छा रोजगार हासिल कर सके और चार पैसे कमा सके।
युवक के पिता द्वारा 27 जून को कलायत थाना में दी गई शिकायत के अनुसार साहिल को विदेश भेजने के नाम पर उपरोक्त तीनों आरोपियों ने 12 लाख रुपये ले लिए थे। पहले उसे दुबई भेजा और वहां से आगे जल्द भेजने की बात कही थी।
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शिवकुमार का आरोप है कि तीनों आरोपियों ने उसके बेटे को हवाई जहाज की बजाय नाव के रास्ते से आगे भेजने का प्रयास किया और नाव डूब गई। ऐसा आरोपियों ने इसलिए किया ताकि वे उसे अवैध तरीके से भेज सकें और मोटा पैसा कमा सकें। युवक के पिता ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपियों ने शायद उसके बेटे को मरवा दिया है।
माता-पिता व छोटा भाई बैठे इंतजार में
शिवकुमार ने बातचीत में बताया कि उसके परिवार में साहिल के अलावा एक ओर बेटा विवेक है, जो इस समय कक्षा 10वीं में एक निजी स्कूल में पढ़ रहा है। मां अनिता देवी गृहिणी हैं। उसने बताया कि आरोपियों ने साहिल के साथ सोनीपत व पंजाब निवासी दो अन्य युवकों को भी विदेश में नाव के जरिये भेजा था, उनका भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। परिवार आज भी युवकों के वापस आने के इंतजार में हैं।
प्रशासन को सोमवार तक का दिया है अल्टीमेटम
गांव कैलरम में मंगलवार को हुई पंचायत में भी कैलरम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन को सोमवार तक अल्टीमेटम दिया है। इसमें आरोपियों को जल्द से जल्द पकडऩे और युवकों की तलाश करने की मांग की गई है। हालांकि ग्रामीण 12 सितंबर को मामले को लेकर जाम लगाने की तैयारी में थे, लेकिन मौके पर पहुंचे कलायत डीएसपी सज्जन सिंह ने ग्रामीणों को जल्द ही मामले में कार्रवाई का उन्हें आश्वासन दिया हुआ है।