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134-ए के तहत पढ़ रहे बच्चों को स्कूल से निकाला

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कलायत खंड में 134 ए के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं स्कूल से बाहर करने का मामला सामने आया है। सरकार के आदेशों की अवहेलना करते हुए गरीब बच्चों को पढ़ाने से इंकार करने पर सोमवार को समाज सेवी संगठन और अभिभावक भडक़ उठे। हालातों से शासन-प्रशासन को तत्काल अवगत करवाने के लिए लोगों ने कलायत एसडीएम कार्यालय में दस्तक दी।
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छात्र-छात्राओं को स्कूल से निकालने के मुद्दे को लेकर उप मंडल कार्यालय में अभिभावकों ने समाज सेवी संगठनों के साथ नारेबाजी की। साथ ही अभिभावक संघर्ष समिति ने बच्चों की मौजूदगी में एसडीएम के नाम एसडीएम रीडर अनिल धीमान को शिकायत सौंपी। वे प्रशासन से अविलंब 134 ए नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई और बच्चों की नियमित पढ़ाई की मांग कर रहे हैं। नरेंद्र सूर्यवंशी, बलिंद्र सिंह, चेतन मित्तल, धीरज, रवि कुमार, प्रदीप, अरुण कुमार, जितेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह व राजेश कुमार ने बताया कि सरकार की नीति के अनुसार गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला था। पहले तो कोरोना काल के दौरान पढ़ाई-लिखाई घर पर ही हो रही थी।
अब जैसे ही स्कूल खुलने का सिलसिला शुरू हुआ 134ए के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को निजी स्कूल प्रबंध समितियों द्वारा फीस के नाम पर परेशान करने का क्रम शुरू कर दिया। कुछ निजी स्कूल 134 ए में पढ़ाने से साफ इंकार करते हुए अभिभावकों से लंबी चौड़ी फीस की मांग कर रहे हैं। वे तर्क दे रहे हैं कि या तो फीस जमा करवाया अन्यथा अपने बच्चों को घर ले जाओ। जबकि सरकार और शिक्षा विभाग निरंतर गरीब विद्यार्थियों को सुचारु रूप से पढ़ाने के निर्देश देता आ रहा है। शैक्षणिक सत्र के बीच जिस प्रकार छात्र-छात्राओं को स्कूलों से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है उसके चलते वे संकट में हैं।
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कलायत में अभिभावकों द्वारा 134 ए के तहत दी गई शिकायत पर एसडीएम कार्यालय ने त्वरित संज्ञान लिया है। इस संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारी से बातचीत की गई। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान का आश्वासन दिलाया है। इस पर अस्थाई तौर पर प्रदर्शन स्थगित करते हुए अभिभावक घर लौट गए।
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