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एसपी बोले-एफआईआर शिकायत के आधार पर

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कैथल। नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन के पूर्व डीपीएम सहित अन्य पदाधिकारियों पर दर्ज धोखाधड़ी का केस एडीसी और डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हुआ है। एफआईआर में इन रिपोर्ट्स का जिक्र नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि इन रिपोर्ट्स को जांच में शामिल किया जाएगा। अब यदि ये रिपोर्ट्स जांच में शामिल होंगी तो निश्चित तौर पर जांच के दायरे में वे सभी कर्मचारी और पदाधिकारी आएंगे, जिन्हें एडीसी की जांच रिपोर्ट में दोषी करार दिया गया है।
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गौरतलब है कि एनआरएलएम में कार्यरत महिलाओं प्रवेश देवी, नगमा, जसबीर कौर और अन्य ने मिशन क्रियान्वयन में सवाल उठाते हुए पहले सीएम विंडो और डीसी कार्यालय में शिकायत दी थी। इसमें एडीसी ने जांच करते हुए इस मिशन के डीपीएम सहित कई कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। बाद में डीसी प्रदीप दहिया ने विभागीय कार्रवाई सहित पुलिस में केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। विभाग ने दोषी करार दिए गए कर्मचरियों और पदाधिकारियों का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया। अब पुलिस ने इस मामले में डीपीएम रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा सहित दो बैंक कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता महिलाओं प्रवेश और अन्य ने कहा कि समूह की महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उनके संगठन को आरोपी कर्मचारियों से मुक्त करने के लिए डीसी प्रदीप दहिया, एसपी लोकेंद्र सिंह, पूर्व एडीसी रहे सतबीर कुंडू का आभार जताया। उन्होंने संगठन की उन सभी सदस्यों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इन कठिन परिस्थितियों से हार न मानकर सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ी। प्रवेश देवी ने कहा कि डीसी कैथल ने निष्पक्ष जांच करवाकर उन्हें न्याय दिलवाया। उनकी मांग है कि अब पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करे।
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