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गंभीरता से काम न करने वाले बैंक अधिकारी नपेंगे

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06-कैथल। स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्थित बैंक अधिकारियों की बैठक में दिशा-निर्देश दे? - फोटो : Kaithal
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कैथल। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना पर कई बैंकों के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। ऐसे में पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। एचडीएफसी व एक्सिस बैंक ने तो एक भी व्यक्ति का केस स्वीकृत नहीं किया। इस संबंध में लघु सचिवालय के सभागार में हुई बैठक में डीसी प्रदीप दहिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जो बैंक अधिकारी निर्धारित अवधि व निर्धारित नियमों के अनुसार काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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डीसी ने कहा कि कई बैंक अधिकारी लाभार्थियों का मार्गदर्शन करने की बजाय टालमटोल और आनाकानी कर रहे हैं। बिना तथ्यों के लोगों के आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं, जो बैंकों की कार्य शैली पर सवालिया निशान लगाता है। गंभीरता से काम न करने वाले बैंक अधिकारी नपेंगे। उन्होंने कहा कि बैंकों को चाहिए कि वे सरकार की स्कीमों के तहत ऋण लेने के लिए आवेदन करने वाले लाभार्थियों को मार्ग दर्शन करके उनको ऋण उपलब्ध करवाएं।
बैठक में उपायुक्त ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों ने पशुधन खरीदने के लिए आवेदन किए हैं, उनकी रिपोर्ट सही समय पर बैंकों में सकारात्मक रूप से पहुंचाएं, ताकि संबंधित आवेदनकर्ता को लाभार्थी के रूप में लाभ मिल सके। इस विषय पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
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बैठक में एलडीएम ने कहा कि एसबीआई हाबड़ी में 33 विषय थे, सभी को रिजेक्ट कर दिया। इस पर डीसी ने कहा कि इस ब्रांच के कार्य की भी समीक्षा करने की जरूरत है। बैठक में सीईओ सुरेश राविश, डीएमसी कुलधीर सिंह, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डीआईओ दीपक खुराना, डीएसडब्ल्युओ कुलदीप शर्मा व संबंधित अधिकारी व बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
डीसी ने दिखाए तेवर
बैठक के दौरान फोन पर बात करते बैंक मैनेजर्स को टोकते हुए डीसी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अपना फोन बंद करके या साइलेंट मोड पर करके बैठें। इस बीच अनुपस्थित बैंक मैनेजर और अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
एचडीएफसी, एक्सिस बैंक ने कोई आवेदन नहीं किया स्वीकृत
एचडीएफसी बैंक को विभिन्न विभागों ने 155 आवेदन भेजे थे। इनमें से बैंक ने एक को भी स्वीकृत नहीं किया। दो को उन्होंने रिजेक्ट कर 153 को लंबित दिखा दिया। इसी प्रकार एक्सिस बैंक के पास 132 आवेदन पहुंचे पर स्वीकृत कोई नहीं किया। इनमें 40 को रिजेक्ट करके 92 को लंबित दिखा दिया। दूसरी ओर पीएनबी में 1158 आवेदन आए, जिनमें से 174 स्वीकृत हुए लेकिन ऋण केवल 16 को ही दिया गया। पीएनबी बैंक ने 881 आवेदन रिजेक्ट कर 103 को लंबित दिखाया। इस पर भी डीसी काफी नाराज दिखे। उन्होंने एलडीएम को कहा कि 881 आवेदनों को किस आधार पर रिजेक्ट किया गया, इसकी रिपोर्ट डीसी कार्यालय को भेजी जाए। बाकी 103 लंबित मामलों का भी आधार बताया जाए।
बचत खाता न होने से आवेदन किया रिजेक्ट
गुहला चीका स्थित एसबीआई की ब्रांच ने इस आधार पर आवेदन रिक्जेक्ट कर दिया कि प्रार्थी की सेविंग खाता नहीं था। इस पर डीसी ने बैंक प्रबंधक से पूछा कि आपने आवेदन रिजेक्ट करने की बजाय प्रार्थी का खाता खुलवाकर ऋण देना चाहिए। इस पर मैनेजर ने कहा कि उसने फील्ड ऑफिसर की रिपोर्ट पर ऐसा किया। इस पर डीसी ने नाराजगी जताई।
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