638 Anganwadi workers made arrests for demands
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कैथल। एक महीने से भी ज्यादा समय से धरना दे रही 638 आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने बुधवार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए गिरफ्तारियां दीं। उन्हें लघु सचिवालय से गिरफ्तार करके जिला इनडोर स्टेडियम स्थित अस्थायी जेल में रखा गया। जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। स्टेडियम में सुविधाओं की मांग को लेकर विवाद भी हुआ। आंगनबाड़ी वर्करों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर सुबह सबसे पहले लघु सचिवालय में इकट्ठा हुई। यहां पर वर्करों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने छह पुलिस बसों व दो रोडवेज बसों से सभी वर्करों को गिरफ्तार करके इंडोर स्टेडियम में बनाई गई अस्थायी जेल में छोड़ दिया। यहां पर पुलिस प्रशासन ने कागजी कार्रवाई की और सभी वर्करों का रिहा किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन की राज्य महासचिव शकुंतला शर्मा ने की। शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर पिछले एक महीने से अधिक समय से लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रही हैं, लेकिन उनकी मांगों को सरकार अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि 2018 में प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी वर्करों के 1500 रुपये और हेल्परों के 750 रुपये बढ़ाने की मांग की गई थी। इस संबंध में कई बार मुख्यमंत्री के साथ बैठक भी हो चुकी है। लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव नीतू, कमलेेश, सुरजीत, सीमा, अनिता व रोहिनी मौजूद थी। इस आंदोलन के लिए डीएसपी अभिमन्यु गोयत व सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरभान को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था।
वर्करों के खाने का नहीं था इंतजाम
अस्थायी जेल में आंगनबाड़ी वर्करों के लिए प्रशासन ने खाने की कोई व्यवस्था नहीं की। वर्करों ने तहसीलदार के समक्ष चाय और खाने की मांग रखी। इस दौरान अधिकारियों के साथ वर्करों की बहस हुई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई विशेष सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई। वर्करों ने अपने पास से ही भोजन का इंतजाम करना पड़ा।