थाना परिसर में काकड़ोद निवासी रामनिवास के खिलाफ आई शिकायत पर पहुंचे ग्रामीणों के साथ आए कुछ युवकों द्वारा थाना परिसर की वीडियो बनाने पर मना करने पर कुछ युवकों ने कार्यवाहक थाना प्रभारी एसआई राममेहर पर हमला कर दिया। युवकों ने एसआई को चोट पहुंचाने के अलावा उनकी वर्दी भी फाड़ डाली। पुलिस ने इस संबंध में दो युवकों को नामजद करते हुए दो-तीन अन्य पर जान के मारने का प्रयास, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसआई राममेहर ने बताया कि 27 जनवरी को ऑनलाइन शिकायत आई। यह शिकायत काकड़ौद स्थित पीएनबी शाखा मैनेजर विजय सिंह ने अजय व रामनिवास के खिलाफ दी हुई थी। पांच फरवरी को दोनों पक्षों को पुलिस थाना में बुलाया था। रामनिवास काफी लोगों के साथ पुलिस थाना पहुंचा था। इस दिन भी काफी हो-हल्ला थाना में करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसके अलावा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की थी। इसके बाद दोनों पक्षों को फिर मंगलवार को बुलाया गया। विजय के शादी में होने के चलते थाना में नहीं आने पर मजबूरी जाहिर की तो रामनिवास 20-25 ग्रामीणों के साथ थाने में पहुंचा। ग्रामीणों के साथ आए दो युवक अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। सभी को समझाकर मित्र कक्ष में बैठाया गया। यहां पर भी दोनों युवक वीडियो बनाते रहे। जब उनको वीडियो बनाने से मना किया। इसके बाद थाने में हो-हल्ला हो गया। काकड़ोद निवासी रामनिवास तथा हिसार जिले के घिराय निवासी अजय ने उसके साथ बदतमीजी करते हुए सिर में डंडा मारा और वर्दी फाड़ दी। इसमें कुछ अन्य युवकों ने आरोपियों का साथ दिया। इसके अलावा आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी तथा जातिसूचक गालियां भी दी। पुलिस ने राममेहर सिंह की शिकायत पर रामनिवास तथा अजय को नामजद करते हुए दो-तीन अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना से क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस थाने में पुलिस वाले ही सुरक्षित नहीं है तो लोगों की क्या सुरक्षा होगी। वहीं पुलिस इस मामले को लेकर काफी तेजी से कार्रवाई कर रही है। एएसपी कुलदीप सिंह के अनुसार जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।