फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतक रोड व मिनी बाईपास धंसने के मामले में दो जेई के बाद अब पांच और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल जुलाई महीने में आई बारिश के बाद धंसे रोहतक रोड व मिनी बाईपास के मामले में अब अधिकारियों पर कार्रवाई तेज हो चली है। सड़क धंसने के मामले की जांच विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी द्वारा की जा रही है। ऐसे में पहले नगर परिषद के दो जेई को चार्जशीट के लिए नोटिस भेजा गया था अब स्थानीय निकाय विभाग द्वारा नगर परिषद के चार एक्सईएन व एक एमई को भी नोटिस भेजा गया है। यह चारों एक्सईएन इस कार्य के दौरान जींद में तैनात रहे हैं। अब सभी को15 दिन में अपना अधिकारियों को देना होगा।
विज्ञापन

गौरतलब है कि शहर में अमरूत योजना के तहत बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन दबाई गई है। यह काम नगर परिषद द्वारा किया गया लेकिन इसके बाद लोकनिर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क पिछले साल जुलाई महीने में हुई बारिश के बाद धंस गई थी। इसके बाद जब जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अधिकारियों की मीटिंग ली तो कोई भी विभाग अपने ऊपर जिम्मेदारी लेने से बचता रहा। ऐसे में विधायक ने इसकी जांच सब्जेक्ट कमेटी से करवाई। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अब अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही हैं।
तीन विभागों में उलझा है विवाद
यह विवाद तीन विभागों में उलझा हुआ है। दरअसल पाइप लाइन दबाने का काम नगर परिषद ने किया। यहां सड़क लोकनिर्माण विभाग ने बनाई। सड़क धंसने पर आरोप लगे कि जनस्वास्थ्य विभाग की सीवर लाइन में रिसाव के कारण सड़क धंसी है। ऐसे में जांच के दौरान लोकनिर्माण विभाग को क्लीन चिट मिल गई। अब विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

डीसी ने भी की जांच
वहीं विधानसभा की सब्जेट कमेटी ने चार अगस्त को जींद का दौरा कर स्थिति जांची। इसके बाद जींद के डीसी को जांच सौंपी गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जनस्वास्थ्य विभाग नगर परिषद के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब जिन एक्सईएन के खिलाफ नोटिस जारी हुए हैं, उनमें से एक सुमित कुमार ने बताया कि बताया कि विभाग की तरफ से पत्र आया है। इसका जवाब दिया जाएगा।
विभाग ने मांगी थी रिपोर्ट
इससे पहले शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा उन जेई, एमई व एक्सईएन की रिपोर्ट मांगी गई थी, जो इस काम के दौरान तैनात रहे। जिला नगर आयुक्त मेजर गायत्री अहलावत द्वारा तत्कालीन एक्सईएन प्रदीप कल्याण, राहुल पूनिया, रमेश कुमार और सुमित व एमई भूपेंद्र, जेई उमेद सिंह और अमित कुमार के नाम भेजे थे। इनमें से उमेद सिंह व अमित कुमार को पहले ही नोटिस आ चुके हैं।
यह रहा है अधिकारियों का कार्यकाल
इसी परियोजना के दौरान एक्सईएन प्रदीप कल्याण चार फरवरी से सात जून 2020 तक जींद नगर परिषद में तैनात रहे। वे फिलहाल नगर निगम पानीपत में कार्यरत हैं। वहीं एक्सईएन राहुल पूनिया 22 जून से 28 सितंबर 2020 तक जींद नगर परिषद में रहे। वे भी फिलहाल नगर निगम पानीपत में कार्यरत हैं। एक्सईएन रमेश कुमार 28 सितंबर से 15 अक्टूबर 2020 तक जींद नगर परिषद में एक्सईएन के पद रहे। फिलहाल वे भी नगर निगम पानीपत में अधीक्षक अभियंता हैं। एक्सईएन सुमित मलिक 23 नवंबर 2020 से दो फरवरी 2021 तक नगर परिषद जींद में रहे। वे फिलहाल नगर निगम पंचकूला कार्यरत हैं। एमई भूपेंद्र अहलावत 18 सितंबर 2019 से अभी तक जींद में कार्यरत हैं।
आज विभाग देंगे कार्रवाई रिपोर्ट
इस मामले में सब्जेट कमेटी की मीटिंग बुधवार को चंडीगढ़ में होगी। मीटिंग में विभागों द्वारा यह बताया जाएगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है। इसके आधार पर ही आगे की प्रक्रिया चलेगी। सरकार ने विकास के लिए पैसा दिया, लेकिन कुछ अधिकारियों ने इससे शहर का विनाश किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, व सदस्य सब्जेक्ट कमेटी।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा
सरकार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है। अधिकारियों को चार्जशीट करने से उन लोगों को कोई मदद नहीं मिली, जो तीन साल से यह दंश झेल रहे हैं। एक तरफ तो इस काम में इतनी खामियां मिल रही हैं, दूसरी ओर सरकार उसी एजेंसी को दोबारा काम दे दिया है। इससे साफ है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।
विज्ञापन

-डॉ. राजकुमार गोयल, अध्यक्ष, जींद विकास संगठन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें