फर्जीवाड़े की डीसी को शिकायत देने जातीं गतौली गांव की महिलाएं। संवाद
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गतौली गांव में महिलाओं को सरकारी योजनाओं के माध्यम से लोन दिलवाने के नाम पर लगभग 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव की ही एक महिला ने कर्ज दिलवाने की बात कहकर महिलाओं की बगैर जानकारी उनके दस्तावेज ले लिए और इन दस्तावेजों के आधार पर महिलाओं के नाम कई तरह के लोन करवा लिए। किसी भी महिला को यह राशि भी नहीं दी। जब बैंक की ओर से किस्त भरवाने के लिए पत्र पहुंचा तो मामला उजागर हुआ। गांव की महिलाओं ने बुधवार को डीसी नरेश नरवाल को इस संबंध में शिकायत दी। डीसी ने जांच का आश्वासन दिया है।
गतौली गांव की कुछ महिलाएं बुधवार को डीसी से मिलीं। उन्होंने बताया कि उनके गांव की एक महिला लगभग पांच वर्ष से उनसे जुड़ी है। महिला का पति बैंकों के माध्यम से लोन करवाने का काम करता था। इस दौरान जब भी महिलाओं को लोन की जरूरत होती तो वह महिला से संपर्क कर लोन जारी करा लेतीं थीं। लोन की किस्त भी वह महिला के पास ही जमा करवाती थीं। महिलाओं का आरोप है कि कई माह पहले उनके दस्तावेज महिला ने बिना बताए लिए थे। इस दौरान महिला ने उनके इन दस्तावेजों पर लोन भी ले लिया।
महिलाओं ने बताया कि गांव में ऐसी करीब 85 महिलाएं हैं। जिनके दस्तावेजों पर 30 से 50 हजार रुपये तक का कर्ज लिया गया है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि इसके पूर्व कर्ज की कई किस्त भी महिला ने बैंक में जमा नहीं करवाई। एक महिला के नाम दो से तीन लोन कई बैंकों से लिया गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि यह महिला अब गांव से अपने पति के साथ फरार हो गई है। महिलाओं ने डीसी से मांग की है कि महिला द्वारा उनके नाम पर करवाए गए लोन की राशि को महिला से ही भरवाया जाए।
नहीं जमा करवाई किस्त
महिलाओं ने बताया कि पहले से जो लोन करवाए गए थे। वह उनकी किस्त इसी महिला के पास जमा करवा रही थीं, लेकिन इस महिला ने उनके द्वारा दी गई राशि को बैंक में जमा नहीं करवाया। इसके अलावा आज तक उनको इस संबंध में कोई रसीद भी नहीं दी गई।
प्रकरण की जानकारी है। गतौली गांव की महिलाओं ने शिकायत की है। मामले की जांच करवाई जाएगी।
नरेश नरवाल, डीसी