हरियाणा के जींद में स्वास्थ्य विभाग में लापरवाहियों के किस्से खत्म नहीं हो रहे हैं। सोमवार को नरवाना नागरिक अस्पताल से भी प्रसव पीड़िता को एंबुलेंस में अस्पताल लाते हुए बच्चे को जन्म दे दिया। इस एंबुलेंस में भी इमरजेंसी मेडिकल टेकभनीशीयन (ईएमटी) को साथ नहीं भेजा गया था। चालक ने यहां भी सूझबूझ का परिचय दिया और तुरंत जच्चा-बच्चा को नागरिक अस्पताल नरवाना ले आया। जच्चा और बच्चा ठीक हैं। परिजन अस्पताल प्रशासन को कोस रहे हैं।
गांव कर्मगढ़ निवासी उर्मिला को भी प्रसव पीड़ा के चलते नागरिक अस्पताल नरवाना में लाया गया। यहां से उसे जींद के नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। गांव से कुछ दूरी पर ही महिला की डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस में उपचार देने के लिए कोई ईएमटी नहीं था। ऐसे में महिला और नवजात बच्चे की हालत और भी खराब हो सकती थी लेकिन चालक की सूझबूझ के कारण महिला को तुरंत प्रभाव से वापस नरवाना के अस्पताल में सुरक्षित दाखिल करवा दिया।
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रविवार को भी विभाग की लापरवाही हुई थी उजागर
रविवार को भी गांव बागडू कलां निवासी पवन अपनी पत्नी पूजा को प्रसव पीड़ा के चलते नागरिक अस्पताल अस्पताल जींद लाया था। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देख पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया था लेकिन एंबुलेंस में ईएमटी को नहीं भेजा गया। रास्ते में ही पूजा की तबीयत खराब हो गई और उसकी डिलिवरी हो गई। चालक ने जच्चा और बच्चा दोनों को गोहाना अस्पताल में दाखिल कराया है। इस मामले की स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल में ईएमटी की भारी कमी
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डा. देवेंद्र बिंदलिश ने बताया कि अस्पताल में ईएमटी की भारी कमी है। महिला की डिलिवरी एंबलेंस में ही होने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा है तो वो मामले की जांच करवाएंगे।